3 नवंबर को सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने एक सेमिनार में कहा था कि पंजाब में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के प्रयास किए जा रहे हैं और अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो बहुत देर हो जाएगी।
वह भारत में आंतरिक सुरक्षा की बदलती रूपरेखा रुझान और प्रतिक्रियाएं विषय पर आयोजित एक सेमिनार में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, रक्षा विशेषज्ञों, सरकार के पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पंजाब शांतिपूर्ण रहा है, लेकिन इन बाहरी संबंधों के कारण राज्य में उग्रवाद को फिर से पैदा करने के प्रयास किये जा रहे हैं। हमें सावधान रहना होगा। इसके बाद विपिन रावत पठानकोट सेना के कार्यक्रम में पहुंचे और अपने बयान को फिर दोहराया था।
फूलका ने बयान पर जताया खेद
आप विधायक एचएस फूलका ने अमृतसर में रविवार को निरंकारी सत्संग के दौरान हुए आतंकी हमले में आर्मी चीफ बिपिन रावत के खिलाफ बयान पर खेद जताया है। फूलका ने कहा कि मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गया। उन्होंने कहा कि आप मेरे बयान का पूरा वीडियो देखिए। मेरा बयान कांग्रेस के खिलाफ था, न कि सेना प्रमुख के खिलाफ।
उन्होंने कहा कि यह एक अनजान बयान है लेकिन फिर भी मुझे खेद है। फूलका ने आतंकी हमले के लिए सेनाध्यक्ष बिपिन रावत को जिम्मेदार बताते हुए कहा था कि सेनाध्यक्ष ने पंजाब आकर कहा था कि राज्य पर आतंकी हमले का खतरा है और हो सकता है कि उन्होंने ही अपने लोगों से ब्लास्ट करवाया हो ताकि उनका बयान गलत साबित ना हो जाए। वहीं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा है कि एचएस फुलका ने अपने बयान पर खेद जताया है और उन्हें इस तरह अचानक दे दी गई टिप्पणी के लिए बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।