जुलाई में आई बाढ़ से करीब 6.80 लाख एकड़ फसल हुई थी बर्बाद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बाढ़ प्रभावित किसानों को हरियाणा सरकार वीरवार को मुआवजा जारी कर सकती है। जुलाई में आई बाढ़ से करीब एक लाख 41 हजार किसानों की 6.80 लाख एकड़ फसल प्रभावित हुई थी। प्रभावित किसान पिछले पांच महीने से मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने धान की दोबारा बिजाई करने वाले किसानों को सात हजार रुपये प्रति एकड़ और जिन किसानों की 70 फीसदी से ज्यादा फसल बर्बाद हुई है, उन्हें 15 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने का एलान कर रखा है। सूत्रों ने बताया है कि मुआवजे की राशि करीब 97 करोड़ रुपये बनती है। पहले यह राशि काफी ज्यादा बन रही थी। दरअसल इनमें कई किसानों की फसल का बीमा प्रधानमंत्री बीमा फसल योजना के तहत इंश्योरेंस कंपनी की ओर से किया गया था। ऐसे किसानों को राज्य सरकार की ओर से मुआवजा नहीं दिया जाएगा।
जुलाई में आई बाढ़ से हरियाणा के करीब 12 जिले प्रभावित हुए थे। बाढ़ से घर, पशु और फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था। 44 लोगों को जान भी गंवानी पड़ी थी। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों, पशुओं व घर के मालिकों को करीब दो महीने पर मुआवजा जारी कर दिया गया था। मगर फसलों का मुआवजा रहता था। फसल मुआवजे को लेकर विपक्ष और किसान संगठन लगातार सरकार को घेरते आए हैं। मानसून सत्र में भी विपक्ष के निशाने पर सरकार रही थी। अब शीतकालीन सत्र में भी यह मुद्दा उठा सकता है। सूत्रों ने बताया कि राजस्व विभाग की ओर से पूरी फाइल तैयार करके सरकार के पास भेज दी गई है। संभवत: वीरवार को सरकार किसानों के खाते में मुआवजे जारी कर सकती है।