चंडीगढ़। आईफोन पर ऑनलाइन 96 प्रतिशत की छूट देखकर ग्राहक की ओर से आर्डर मोबाइल की डिलीवरी न मिलने पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने फ्लिपकार्ट पर तीन हजार रुपये हर्जाना लगाया है। आयोग ने केस खर्च के तौर पर दो हजार रुपये और ग्राहक की ओर से आईफोन के लिए 4999 रुपये के भुगतान की रकम 9 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने के आदेश दिए हैं। ग्राहक ने फ्लिपकार्ट पर आईफोन-11 प्रो मैक्स मोबाइल पर ऑफर के तहत दी जा रही छूट को देखते हुए ऑनलाइन भुगतान कर फोन खरीदा था। आरोपों के तहत पेमेंट करने के बावजूद कंपनी की तरफ से मोबाइल की डिलीवरी नहीं की गई और न ही खरीदार के रुपये लौटाए।
फ्लिपकार्ट की ओर से रखा गया पक्ष
फ्लिपकार्ट ने आयोग में इन आरोपों को गलत बताया। कंपनी की ओर से कहा गया कि शिकायतकर्ता को बताया गया था कि संदर्भित लेनदेन आईडी का फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड से कोई संबंध नहीं है। फ्लिपकार्ट प्लेटफार्म एक इलेक्ट्रानिक मार्केट प्लेस मॉडल ई-कामर्स प्लेटफार्म है, जो ग्राहक और विक्रेताओं के बीच बिक्री व लेनदेन को सुविधाजनक बनाने का काम करती है। याचिकाकर्ता के लेनदेन दस्तावेज के तहत भी फ्लिपकार्ट को कोई भुगतान नहीं किया गया है।
क्या है पूरा मामला
आयोग को दी शिकायत में रिषीपाल (32) ने फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्रा. लिमिटेड कंपनी के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में याचिका दायर की थी। पीड़ित ने अपनी याचिका में बताया कि उन्होंने 16 जून 2020 को फ्लिपकार्ट से आइफोन 11 प्रो मैक्स आर्डर किया था। उस दिन फ्लिपकार्ट पर मोबाइल पर 96 प्रतिशत की छूट दी जा रही थी। शिकायतकर्ता ने आईफोन के लिए ऑनलाइन 4999 रुपये का भुगतान किया था। आरोपों के तहत पेमेंट करने के बाद फ्लिपकार्ट की तरफ से आर्डर को लेकर कोई रसीद नहीं दी गई। शिकायतकर्ता ने कंपनी के ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क किया। वहां से उन्हें आश्वासन दिया कि संबंधित प्रोडक्ट उनके पते पर भेज दिया जाएगा या उन्हें राशि वापस कर दी जाएगी। इसके बाद कई दिनों तक कंपनी ने शिकायतकर्ता को आईफोन की डिलीवरी नहीं की। इस पर शिकायतकर्ता ने कंपनी को दो बार कानूनी नोटिस और कई ईमेल भेजे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इससे परेशान होकर उन्होंने फ्लिपकार्ट के खिलाफ आयोग को शिकायत दी।