चंडीगढ़। कोरोना काल में लॉकडाउन के चलते टिकट रद्द कराने पर अतिरिक्त चार्ज वसूलने पर आईआरसीटीसी और एयर इंडिया कंपनी पर हर्जाना लगाया गया है। जिला उपभोक्ता आयोग ने एयर इंडिया, विस्तारा एयरलाइंस और आईआरसीटीसी पर शिकायतकर्ता को हुई मानसिक परेशानी के लिए 10 हजार रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया है।
इसके अलावा एयर इंडिया को फ्लाइट टिकट कैंसलेशन चार्ज 10,500 रुपये और विस्तारा व आईआरसीटीसी को 12,000 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज दर के साथ लौटाने का आदेश दिया है। वहीं, केस खर्च के तौर पर 10 हजार रुपये का भुगतान भी करना होगा। दायर याचिका के तहत शिकायतकर्ता ने मार्च 2020 में आईआरसीटीसी के माध्यम से अपनी पत्नी और बच्चों समेत कोलकाता से पोर्ट ब्लेयर के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट से चार टिकट बुक कराया था। इसी बीच कोरोना के चलते देशभर में लॉकडाउन लग गया। याचिकाकर्ता ने परिवार के साथ घूमने के लिए बुक टिकट रद्द कराया तो एयरलाइंस और इंडिया रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म (आईआरसीटीसी) ने कैंसिलेशन चार्ज काट लिया।
सेक्टर-42बी के रहने वाले विक्रम सिंह ने 10 जनवरी 2020 को आईआरसीटीसी के माध्यम से 27 मार्च 2020 के लिए कोलकाता से पोर्ट ब्लेयर के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट के चार टिकट बुक कराते हुए 23 हजार 770 रुपये का भुगतान किया था। उसी दिन आईआरसीटीसी से विस्तारा एयरलाइंस की दिल्ली वापसी के चार टिकट 48,754 रुपये भुगतान कर बुक किए थे। मार्च 2020 में कोरोना वायरस चलते बुकिंग रद्द करानी पड़ी क्योंकि उपरोक्त अवधि के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप में सभी पर्यटन गतिविधियां बंद कर दी गई थीं। शिकायतकर्ता ने उपरोक्त राशि वापसी के लिए एयर इंडिया, विस्तारा एयरलाइंस और आईआरसीटीसी से अनुरोध किया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
एयर इंडिया ने 12 हजार और विस्तारा ने 2625 रुपये की कटौती की
एयर इंडिया ने टिकट रद्द करने के शुल्क के रूप में प्रति टिकट 2625 रुपये के हिसाब से चार टिकट पर कैंसिलेशन चार्ज के तौर पर 10,500 रुपये की कटौती कर शेष राशि वापस कर दी। वहीं, विस्तारा एयरलाइंस ने 3 हजार रुपये प्रति टिकट के हिसाब से कैंसिलेशन चार्ज के तौर पर 12 हजार रुपये काट लिए।