चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में तीन साल से ठेका लेकर काम कराने वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के फैसले को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही सिंडिकेट की बैठक के मिनट्स व कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश पर रोक लगा दी है।याचिका दाखिल करते हुए जय मां इंटरप्राइजेज ने हाईकोर्ट को बताया कि वह पिछले तीन साल से पीयू में विभिन्न प्रोजेक्ट के लिए काम कर रहे हैं। पीयू के एक कर्मचारी ने 30 अगस्त 2022 को शिकायत दी थी कि जेई लोविश ने उसे नियमित नौकरी पर लगवाने के लिए पैसे लिए। इस शिकायत का याची कंपनी से कोई लेना-देना नहीं था। इसके बावजूद सिंडिकेट की 23 सितंबर 2023 को हुई बैठक में याची कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया। इस संबंध में 12 अक्तूबर को औपचारिक आदेश भी जारी कर दिया गया।
याची ने कहा कि ऐसा करते हुए याचिकाकर्ता कंपनी को कोई कारण बताओ नोटिस तक जारी नहीं किया गया। ऐसा करना सीधे तौर पर न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है। याची पक्ष की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही सिंडिकेट की बैठक के मिनट्स और ब्लैकलिस्ट करने के आदेश पर रोक लगा दी है।