चंडीगढ़। पुनर्वास कॉलोनी, ईडब्ल्यूएस कॉलोनी और ईडब्ल्यूएस फ्लैट में अतिक्रमण को नियमित करने के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी तय करेगी कि मानक के अनुसार कितना अतिरिक्त निर्माण कार्य होना चाहिए। कमेटी का फैसला आने तक निगम अतिक्रमणकारियों को नए नोटिस नहीं जारी करेगा। वहीं, अब अतिक्रमण करने वालों को पहले निगम चेतावनी देगा। इसके बाद अतिक्रमण नहीं रोकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस कमेटी का गठन महापौर राजबाला मलिक करेंगी। यह फैसला शुक्रवार को नगर निगम सदन की बैठक में हुआ।
बैठक में विकास नगर मौलीजागरां और सेक्टर-52 के मकानों में तय मानकों से ज्यादा किए गए बदलाव को नियमित करने का प्रस्ताव लाया गया। यह प्रस्ताव भाजपा पार्षद अनिल दूबे और चंद्रवती शुक्ला की सिफारिश पर लाया गया। अनिल दूबे का कहना है कि विकास नगर में 2700 और सेक्टर-52 में तीन हजार ऐसे मकान हैं, जिनमें लोगों ने अतिरिक्त निर्माण कर रखे हैं। ये सभी मकान संपदा विभाग की ओर से नगर निगम को स्थानांतरित किए जा चुके हैं। इन मकानों में किए गए अतिरिक्त निर्माण को निगम अतिक्रमण मान रहा है। साथ ही लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। एजेंडे के अनुसार लोगों से एकमुश्त राशि लेकर मकानों को नियमित कर देना चाहिए। इस पर सदन ने तय किया कि मकानों में एकरूपता रहे इसलिए महापौर पार्षद व अधिकारियों की एक कमेटी बनाएं। जो निर्माण कार्य का मानक तय करने के साथ जहां ज्यादा अतिक्रमण है, उसे किस तरह हटाया जाए, इस पर भी विचार करे। रिपोर्ट को अगली सदन की बैठक में लाकर पास कराया जाए। उसके बाद मंजूरी के लिए प्रशासन को भेजा जाए।
पहले भी आ चुका है प्रस्ताव, नहीं हुआ मंजूर
प्रशासन की मंजूरी के बिना यह प्रस्ताव लागू नहीं हो सकता है। इससे पहले भी सदन में पार्षद इस तरह का एजेंडा लेकर आ चके हैं। तब भी प्रशासन ने इसे अस्वीकार कर दिया था। ऐसे में इस प्रस्ताव को लागू करवाना पार्षदों के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। वहीं इस मामले से जुड़े हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों के लिए कई लोग अतिक्रमण को नियमित करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
अन्य वार्डों में भी मकान हों नियमित : बबला
इस एजेंडा के आने पर विपक्ष के पार्षद देवेंद्र सिंह बबला ने कहा कि यह समस्या केवल एक कॉलोनी की नहीं है इसलिए इस कमेटी से शहर के अन्य क्षेत्रों में भी सर्वे करना चाहिए। आयुक्त केके यादव ने कहा कि यह दो कॉलोनी निगम में आती हैं। अन्य कॉलोनियों में अतिक्रमण करने के लिए हाउसिंग बोर्ड या प्रशासन को हम नहीं कह सकते हैं।