पांच एकड़ जमीन मंडलायुक्त के पति व बेटे ने खरीदी, आईएएस अमनीत पी कुमार की अध्यक्षता में कमेटी गठित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने पंचकूला में 14 एकड़ जमीन पर 21 साल पुराने स्टे को रद्द कर इंतकाल कराने के अंबाला डिविजिनल कमिश्नर के आदेशों की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। कमेटी की चेयरमैन आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार होंगी, जबकि आईएएस अधिकारी टीएल सत्यप्रकाश कमेटी के सदस्य होंगे। कमेटी में उप जिला अटॉर्नी (डीडीए) सुख राम और राजस्व मामलों के विशेषज्ञ सेवानिवृत्त एचसीएस अधिकारी आरके गर्ग को भी शामिल किया गया है। पंचकूला के बीड़ फिरोजड़ी, संगराणा, बरवाला, जलौली, फतेहपुर वीरान और बीड़ बाबूपुर गांव की करीब 1396 एकड़ जमीन राजा भगवंत सिंह की थी। साल 2002 में पूर्व आईएएस सुनील गुलाटी और उनकी बहन शशि गुलाटी ने राजा के वारिसों से करीब 14 एकड़ की जमीन खरीदी। एक साल बाद 2003 में कलेक्टर ने इन सातों जमीन पर स्टे लगा दी थी। 21 साल तक इस जमीन पर स्टे लगा रहा। कुछ महीने पहले बीड़ फिरोजड़ी की जमीन के लिए पृथ्वी राज छाबड़ा, शशि गुलाटी और सुनील गुलाटी ने अंबाला डिविजनल कोर्ट में 14 एकड़ जमीन का इंतकाल करवाने के लिए अपील दायर की। इसके कुछ ही दिन बाद अंबाला कमिशनर रेणु फुलिया ने इंतकाल दर्ज करने का फैसला दिया। 20 मार्च को कोर्ट के आदेश पर 14 एकड़ जमीन का इंतकाल दर्ज हो गया।
28 व 29 मार्च को बीड़ फिरोजड़ी की जमीन की रजिस्ट्री के लिए पूर्व आईएएस शशि गुलाटी, पूर्व आईएएस एसएस फुलिया, उनके बेटे समेत पांच लोगों ने रजिस्ट्री के लिए आवेदन किया। इस बीच पंचकूला एसडीएम ने इसकी जानकारी पंचकूला डीसी को दी। डीसी ने इस मामले को वित्तायुक्त टीवीएसएन प्रसाद को अवगत कराया। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए 29 मार्च को जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगाने के आदेश कर दिए। इसके बाद राजस्व अधिकारियों ने जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी। कमेटी अब मंडलायुक्त के आदेशों की जांच करेगी। इसके साथ यह भी देखेगी कि पंचकूला के सातों गांवों में जहां जमीन सरप्लस है, क्या उस जमीन का कभी इंतकाल या रजिस्ट्री तो नहीं हुई है।
मंडलायुक्त के पति व बेटे को बेची जमीन
स्टे हटने के बाद पृथ्वीराज छाबड़ा और शशि गुलाटी ने करीब 5 एकड़ जमीन अंबाला मंडलायुक्त के पति पूर्व आईएएस एसएस फुलिया (राज्य के सूचना आयुक्त) और उनके बेटे नीलांचल को बेची। मगर ऐन वक्त पर वित्तायुक्त ने रजिस्ट्री पर रोक लगा दी। जबकि जमीन का कुछ हिस्सा मनीमाजरा कांप्लेक्स निवासी शुभम जुनेजा को बेची जानी थी। हालांकि जमीन के रिकॉर्ड से पता चलता है कि मंडलायुक्त के आदेश से पहले ही इस जमीन की खरीद के लिए 24-24 लाख के दो बयाना दिए गए थे। वहीं, अंबाला मंडलायुक्त रेणु फुलिया का दावा है कि उनके दिए आदेश में कोई कमी नहीं है। 2004 में तत्कालीन मंडलायुक्त आयुक्त इस तरह का आदेश दे चुके हैं।