चंडीगढ़। शहर की राजनीति में इस बार कई रंग देखने को मिल रहे हैं। पहली बार भाजपा और अकाली अलग-अलग तो आम आदमी पार्टी और कांग्रेस एक साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। इस पूरे समीकरण में भाजपा को नुकसान हो सकता है क्योंकि कुछ वोटों का नुकसान शिअद करेगी। वहीं, जो अब तक आप और कांग्रेस ही एक-दूसरे का वोट काटते थे, अब दोनों साथ आ गए हैं तो भाजपा के लिए चुनौती बढ़ गई है।लोकसभा चुनाव में इस बार आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन है। दोनों का एक संयुक्त प्रत्याशी होगा। यह प्रत्याशी कांग्रेस की ओर से होगा क्योंकि मेयर चुनाव के दौरान सहमति बनी थी कि यदि मेयर आप का होगा तो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का उम्मीदवार होगा और आप कांग्रेस को पूरी तरह से समर्थन करेगी। यदि दोनों दलों के नगर निगम चुनाव में मत जोड़ा जाए तो भाजपा से बहुत ही अधिक है। उधर, शिअद ने भी लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्षद हरदीप सिंह ने चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। आप और कांग्रेस के गठबंधन ने भाजपा की पहले ही नींद उड़ाई हुई थी तो यह एक और झटका है। भले भाजपा सार्वजनिक तौर पर इससे इन्कार करे लेकिन अंदर खाते पार्टी के नेताओं को सच्चाई मालूम है। हालांकि, सियासी गलियारों में चर्चा है कि अगर भाजपा से कोई स्थानीय उम्मीदवार आता है तो गठबंधन के लिए जीत की राह मुश्किल हो सकती है। इसके अलावा कांग्रेस भितरघात से भी आशंकित है। अब तक किसी पार्टी ने अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।
आखिरी फेज में चुनाव होने की वजह से पार्टियों का फोकस बदला
राष्ट्रीय पार्टियों का पहला फोकस अब वहां होगा, जहां चुनाव पहले फेज में होने हैं। उनका सारा ध्यान पहले फेज में होने वाले चुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा और तैयारी को पूरा करना रहेगा। चंडीगढ़ और पंजाब में चुनाव आखिरी दौर में है। इस बात की पूरी संभावना बढ़ गई है कि यहां के उम्मीदवारों की घोषणा अब देरी से होगी। पहले माना जा रहा था कि चुनाव की घोषणा होते ही एक हफ्ते के भीतर भाजपा और कांग्रेस-आम आदमी पार्टी गठबंधन की उम्मीदवारों के नाम तय हो जाएंगे लेकिन अब माना जा रहा है कि नामांकन से कुछ दिन पहले ही प्रत्याशियों की घोषणा होगी, तब तक पार्टी की तरफ से कहा जाएगा कि पार्टी सिंबल पर भी प्रचार अभियान को चलाया जाए।
पार्टी ने अपनी गतिविधियां तेज कीं
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की का कहना है कि चंडीगढ़ में आखिरी चरण में चुनाव है। अभी बहुत समय है। इसे केंद्रीय समिति ने तय करना है। पार्टी ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। चुनावी रणनीति पर बैठकें जारी हैं।
प्रत्याशी का फैसला आलाकमान का
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जेपी मल्होत्रा का कहना है कि पार्टी हमेशा चुनावी मूड में रहती है। कमल के निशान पर ही सभी प्रचार करने में लगे हुए हैं। चंडीगढ़ की जनता को मोदी की गारंटी पर पूरा भरोसा है। प्रत्याशी का फैसला आलाकमान ही करेगा।
- टिकट की रेस में दावेदार -
भाजपा
1. किरण खेर, वर्तमान सांसद
2. संजय टंडन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष
3. सत्यपाल जैन, पूर्व सांसद
4. अरुण सूद, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष
कांग्रेस-आप (गठबंधन)
1. पवन कुमार बंसल, पूर्व केंद्रीय मंत्री
2. मनीष तिवारी, सांसद, आनंदपुर साहिब
3. एचएस लक्की, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस