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कालोनी नहीं हटती तो होता ज्यादा मतदान

Tue, 15 Apr 2014 10:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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यूटी प्रशासन ने अगर पांच महीने पहले कालोनी नंबर पांच को नहीं हटाया होता तो शहर में मतदान के प्रतिशत में और बढ़ोतरी होती। साथ ही अगर प्रशासन ने मतदाता सूची से डुप्लिकेट वोटर्स हटा दिए होते तो भी चंडीगढ़ में मतदान का प्रतिशत बढ़ता।
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कालोनी नंबर पांच के हटने से करीब 10 हजार मतदाता गायब हो गए थे। प्रशासन के चुनाव विभाग के प्रयासों से करीब 3 हजार मतदाता तो मिल गए, लेकिन 7 हजार मतदाता नहीं मिल पाए। इन 7 हजार मतदाताओं में से करीब 2685 मतदाताओं ने ही वोट डाले। कालोनी नंबर पांच में कई लोगों के फर्जी वोट भी बने थे।
 
दस केंद्र खत्म करने की मांगी थी अनुमति
यूटी प्रशासन ने चुनाव आयोग से धनास में नए मतदान केंद्र बनाने और दस मतदान केंद्रों को खत्म करने की मंजूरी मांगी थी। चुनाव आयोग ने मतदान केंद्र बढ़ाने की मंजूरी तो दे दी, लेकिन केंद्र कम करने के लिए राजी नहीं हुआ।
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धनास में 10 नए मतदान केंद्र तो बना दिए गए। जबकि, कालोनी नंबर पांच के मतदाताओं के लिए सेक्टर-44 स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल और सेक्टर-45 के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने 10 बूथ भी पहले की तरह बरकरार रखे गए। सेंट जेवियर्स स्कूल में कालोनी के लोगों के लिए चार बूथ (340, 341, 342, 343) बनाए गए, जबकि सेक्टर-45 के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छह बूथ (330 से 335) बनाए गए थे। लेकिन, इन 10 बूथों में सिर्फ 36.90 फीसदी ही मतदान हुआ। जबकि, पिछले सालों में यहां 80 से 90 फीसदी मतदान होता था।

जानकारी के मुताबिक, इन 10 बूथों में 7 हजार के करीब मतदाता थे और इनमें से 2685 मतदाता ही वोट डालने आए। चुनाव विभाग को उम्मीद थी कि कालोनी के जो लोग मिल नहीं पाए हैं वह अपने पुराने मतदान केंद्र में वोट डालने आएंगे। लेकिन, बहुत कम लोग वोट डालने पहुंचे।

आठ हजार डुप्लिकेट वोटर्स
चंडीगढ़ की मतदाता सूची में लगभग 8 हजार डुप्लिकेट वोटर्स हैं। कई मतदाताओं की दो वोटें बनी हैं। इनमें प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा भी हैं। लेकिन, चुनाव विभाग ने इन डुप्लिकेट वोटर्स के नाम नहीं हटाए। विभाग के अधिकारियों ने कहा कि मतदान के बाद ही डुप्लिकेट वोटर्स के नाम हटेंगे। ऐसे में शहर में कुल मतदाताओं की संख्या 8 हजार कम हो गई।

....तो 75.5 फीसदी होता मतदान  
चंडीगढ़ में 6,13,939 मतदाता थे, जिनमें से 4,53,314 वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अगर इन मतदाताओं में से 8 हजार के करीब डुप्लिकेट वोटर्स को हटा दिया जाए तो मतदाताओं की संख्या लगभग 6.06 लाख होती। इसी तरह से अगर कालोनी नंबर 5 अगर नहीं हटाई गई होती तो वहां 80 से 90 फीसदी मतदान होता।

कालोनी नंबर पांच के करीब 4 हजार मतदाता वोट नहीं डाल सके। ऐसे में अगर मतदाताओं की संख्या से डुप्लिकेट वोटर्स को हटा दिया जाए और कालोनी नंबर पांच के 4 हजार मतदाताओं को जोड़ दिया जाए तो शहर में मतदान का प्रतिशत 75.5 के आसपास रहता। जबकि शहर में 73.84 प्रतिशत मतदान हुआ है।
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