अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने भारतीय सेना के कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ और उनके बेटे के साथ पटियाला में मारपीट के आरोपी इंस्पेक्टर रोनी सिंह की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर पंजाब पुलिस पर सवाल उठाए हैं। हाईकोर्ट ने आरोपी की अग्रिम जमानत की मांग पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सवाल उठाया की रोनी सिंह अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। 11 अप्रैल को पटियाला की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद आरोपी इंस्पेक्टर रोनी सिंह ने हाईकोर्ट नें जमानत याचिका लगाई है। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका सुनवाई के लिए दूसरी बेंच को रेफर कर दी थी। कर्नल बाठ मामले में इंस्पेक्टर रोनी सिंह सहित चार अन्य पुलिस इंस्पेक्टर भी आरोपी हैं। इस मामले में 22 मार्च को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
जस्टिस अनूप चितकारा ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार से जवाब तलब किया था। 13 मार्च की रात को पटियाला में पंजाब पुलिस के जवानों ने सेना के कर्नल पुष्पिंदर व उनके बेटे अंगद सिंह के साथ शराब के नशे में मारपीट की थी। पुलिस ने कर्नल के बयान लेने के बजाय एक ढाबे पर काम करने वाले व्यक्ति के बयानों पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था और मारपीट करने वाले जवानों को बचाने का प्रयास किया गया था।बाठ वर्तमान में नई दिल्ली स्थित आर्मी हेडक्वार्टर में तैनात हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 13 मार्च की रात पंजाब पुलिस के चार इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों और उनके हथियारबंद अधीनस्थों ने बिना किसी उकसावे के उन पर और उनके बेटे पर हमला किया। हाई कोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच चंडीगढ़ पुलिस के एक आईपीएस अधिकारी की अगुवाई में की जा रही है।