सुप्रीम कोर्ट की कोलेजियम की गुरुवार की बैठक में पंजाब और हरियाणा के छह सेशन जजों को हाईकोर्ट का जज पर नियुक्त करने की सिफारिश कर दी है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के कोलेजियम द्वारा भेजे गए सात नामों में से सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने छह नामों को मंजूरी दे दी है। अब इसे केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय से मंजूरी मिलनी बाकी है।
सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने जिन छह सेशन जजों के नाम की सिफारिश की है उनमें अशोक कुमार वर्मा, संत प्रकाश फुटेला, करमजीत सिंह, विवेक पुरी, मीनाक्षी आई मेहता और अर्चना पुरी का नाम शामिल है। सतीश कुमार अग्रवाल का नाम सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने वापस भेज दिया है। हाईकोर्ट में 47 जज कार्यरत हैं जबकि हाईकोर्ट में जजों के कुल स्वीकृत पद 85 हैं। इस लिहाज से अभी भी हाईकोर्ट में 38 पद खाली हैं।
इन छह सेशन जजों की हाईकोर्ट में नियुक्ति के बाद भी 32 पद खाली रहेंगे। इनमें अशोक कुमार वर्मा (पलवल), संत प्रकाश (कुरुक्षेत्र), करमजीत सिंह (अमृतसर), विवेक पुरी (मोहाली) के जिला और सत्र न्यायाधीश पद पर कार्यरत हैं, जबकि मीनाक्षी आई मेहता हरियाणा के लॉ एंड लेजिसलेचर विभाग चंडीगढ़ में एडमिनिस्ट्रेटिव सेक्रेटरी एवं एलआर और अर्चना पुरी पंजाब स्टेट ट्रांसपोर्ट अपीलेट अथॉरिटी की प्रिसाइडिंग आफिसर हैं।
5 वकीलों को भी जज बनाने की सुप्रीम कोर्ट जुलाई में कर चूका है सिफारिश
सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम जुलाई माह में हाईकोर्ट के 5 वकीलों जस गुरप्रीत सिंह पुरी, सुवीर सहगल, गिरीश अग्निहोत्री, अल्का सरीन और कमल सहगल को जज बनाने की सिफारिश कर चुका है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का पद भी रिक्त है। चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के बाद सबसे वरिष्ठ जज जस्टिस राजीव शर्मा एक्टिंग चीफ जस्टिस बने हैं। चीफ जस्टिस के पद पर सुप्रीम कोर्ट मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के वरिष्ठतम जज जस्टिस रवि शंकर झा के नाम की सिफारिश कर चुका है।