पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते मैदानी एरिया में शीत लहर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते है कि मंगलवार को तापमान ने 45 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मंगलवार को लुधियाना शहर का अधिकतम तापमान 14.2 डिग्री दर्ज किया गया था।
इससे पहले साल 1974 में इतना कम तापमान रिकॉर्ड किया गया था। पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में शीत लहर का प्रकोप इसी तरह से जारी रहेगा। इससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान में इसी तरह गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पीएयू मौसम विभाग से डॉक्टर प्रभजीत कौर ने बताया कि साल 2019 में 16 दिसंबर को अधिकतम तापमान 12.4 डिग्री तो 17 दिसंबर को 14.2 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 1973 में 16 दिसंबर को अधिकतम तापमान 10.8 डिग्री और 17 दिसंबर को 13.5 डिग्री रहा था।
इसी तरह साल 1974 में 16 दिसंबर को 18.0 डिग्री और 17 दिसंबर को 14.5 डिग्री रहा था। जबकि साल 2014 में 16 दिसंबर को 17.2 डिग्री तो 17 दिसंबर को 14.8 डिग्री दर्ज किया गया था। इस तरह इन दो दिनों में लगभग 45 साल का रिकॉर्ड टूटा है। अब 18 दिसंबर को अधिकतम तापमान 14.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री दर्ज किया गया है।
डॉक्टर प्रभजोत कौर के अनुसार आने वाले दिनों में शीत लहर का प्रकोप इसी तरह जारी रहेगा। कुछ दिन बाद वेस्टर्न डिस्टरबेंस बन रहा है। इससे पंजाब में बरसात होने की संभावना तो कम है लेकिन शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा।