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Chandigarh News: सीएम ने मंत्रियों से लिया चुनावी फीडबैक, गेहूं खरीद भुगतान और बिजली-पानी आपूर्ति के उठे मुद्दे

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-मंत्रिमंडल बैठक के दाैरान मुख्यमंत्री ने दिए अधिकारियों को सख्त निर्देश, कोई कोताही बर्दास्त नहीं
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-मंत्रियों ने अपने अपने जिलों की दी चुनावी रिपोर्ट

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लोकसभा चुनावों के बीच हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंत्रियों से चुनावों को लेकर फीडबैक लिया है। एक-एक मंत्री ने अपने अपने जिलों की रिपोर्ट मुख्यमंत्री के सामने रखी और कहां पर काम करने की अधिक जरूरत है और कहां पर पार्टी मजबूत है, इसकी विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा, बैठक में कई मंत्रियों ने किसानों की गेहूं खरीद के अटके भुगतान का मुद्दा उठाया। साथ ही गर्मी के सीजन को देखते हुए बिजली और पानी की आपूर्ति को लेकर मामला रखा। मंत्रियों कहा कि दोनों ही चीजों की आपूर्ति में किसी भी तरह का व्यवधान न आए। मुख्यमंत्री ने बैठक में मौजूद आला अधिकारियों को इन सख्त निर्देश दिए कि इन मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। जल्दी से किसानों का भुगतान किया जाए और बिजली पानी की आपूर्ति सुचारू रखने के लिए तमाम बंदोबस्त किए जाएं।

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आईआरबी के जवान जिला पुलिस में हो सकेंगे समायोजित
मंत्रिमंडल ने आईआरबी (भारतीय रिजर्व बटालियन) के जवानों को जिला पुलिस में समायोजित होने का फैसला लिया है। इसके लिए मंत्रिमंडल ने हरियाणा पुलिस जिला (सामान्य कैडर) में भारतीय रिजर्व बटालियन के पुलिस कार्मिकों का विलय) नियम, 2024 को मंजूरी दी है। नियमों के अनुसार, हेड कांस्टेबल, सी-1 कांस्टेबल और छूट प्राप्त हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल के रैंक वाले भारतीय रिजर्व बटालियन के पुलिस कर्मियों को 15 साल की संतोषजनक सेवा पूरी करने और प्रथम एवं द्वितीय चरण के प्रशिक्षण के बाद जिला पुलिस (सामान्य कैडर) में विलय का विकल्प दिया जाएगा। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक द्वारा विभिन्न जिलों के लिए हर साल 31 जनवरी तक भारतीय रिजर्व बटालियन के हेड कांस्टेबल, सी-1 कांस्टेबल और छूट प्राप्त हेड कांस्टेबल, कांस्टेबलों में से भरी जाने वाली रिक्तियों की संख्या अधिसूचित की जाएगी। इनमें से जिन कर्मचारियों को जिला पुलिस (सामान्य कैडर) में ज्वाइनिंग के लिए चुना जाएगा, उनको 3 महीने के लिए एक प्रशिक्षण और जिला व्यावहारिक प्रशिक्षण से गुजरना होगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अनिवार्य होगा और किसी भी परिस्थिति में इससे छूट नहीं दी जाएगी।
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एम्स के निर्माण के लिए माजरा सहकारी बहुउद्देशीय सोसायटी लिमिटेड को स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क में छूट

मंत्रिमंडल ने रेवाड़ी में बनने वाले एम्स के लिए माजरा सहकारी बहुउद्देशीय सोसायटी लिमिटेड, माजरा (भालखी) के पक्ष में 10 भूमि मालिकों द्वारा 28 एकड़ 04 कनाल 10 मरला भूमि के हस्तांतरण के लिए 79,97,500 रुपये की स्टांप ड्यूटी की छूट और 50,000 रुपये के पंजीकरण शुल्क की छूट को भी मंजूरी प्रदान की है।
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