बारिश की कमी से जूझ रही खरीफ फसल के लिए 5. 20 लाख किसानों को बड़ी राहत
मंत्रिमंडल ने प्रति एकड़ दो हजार रुपये बोनस दिए जाने की घोषणा की थी
आठ जिलों में पशु चिकित्सा पॉलीक्लीनिक खोलने की भी घोषणा की
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विधानसभा चुनाव की घोषणा से चंद घंटे पहले सीएम नायब सिंह सैनी ने किसानों को बड़ी राहत दी। बारिश की कमी की वजह से किसानों पर पड़े आर्थिक बोझ को कम करने के लिए सीएम ने शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे 5 लाख 20 हजार किसानों के खातों में कुल 525 करोड़ रुपये की राशि जारी की। सैनी सरकार के मंत्रिमंडल ने पिछले हफ्ते ही खरीफ फसलों के लिए दो हजार रुपये प्रति एकड़ बोनस दिए जाने की घोषणा की थी। सीएम ने बताया, 14 अगस्त तक जिन किसानों ने मेरी फसल-मेरा ब्योरा में रजिस्ट्रेशन करवा दिया था, उन्हें शुक्रवार को पहली किस्त जारी कर दी गई। बाकी किसानों को बाद में किस्त जारी की जाएगी। जिन किसानों की एक एकड़ से कम फसल है, उन्हें भी इस स्कीम का फायदा मिलेगा। इस मौके पर सीएम ने पशुओं के बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश के आठ जिलों में पंचकूला, कैथल, करनाल, हिसार, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद और यमुनानगर में चरणबद्ध तरीके से पशु चिकित्सा पॉलीक्लिनिक खोलने की भी घोषणा की। इन पॉलीक्लिनिक में राज्य के पशुपालकों को पैथोलॉजी, पैरासिटोलॉजी, गायनोकोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, सर्जरी और अन्य डायग्नोस्टिक सुविधाएं जैसे एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड व अन्य विशेष सुविधाएं मिलेगी। मौजूदा समय में 14 जिलों में पशु चिकित्सा पॉलीक्लिनिक संचालित हैं।
घर-घर जाकर दूध की आपूर्ति करने वाले होंगे दयालु योजना में आएंगे
सीएम ने कहा- प्रदेश के दूध विक्रेता, जो घर-घर जाकर दूध की आपूर्ति करते हैं और जिनकी परिवार पहचान पत्र में पारिवारिक आय तीन लाख रुपये तक वार्षिक है, उन्हें अब दयालु योजना के तहत कवर किया जाएगा। योजना के तहत परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। सीएम ने जानकारी दी कि 15 अगस्त को 35 हजार दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े दूध उत्पादकों को अप्रैल, मई और जून के लिए 15 करोड 59 लाख रुपये की सब्सिडी उनके खातों में जारी की गई है। इस वित्त वर्ष के दौरान अंत्योदय परिवारों के सदस्यों की प्रोत्साहन राशि 5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 10 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। इस योजना के अंतर्गत पिछले वित्त वर्ष में 39.37 करोड़ की सब्सिडी दी गई थी और इस वित्त वर्ष इस योजना का बजट 100 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना के तहत वीटा के जून 2024 तक के लगभग 41 करोड़ करोड़ रुपये की राशि के लंबित बिलों की अदायगी के लिए भी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।