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नौकरियों को लेकर रार : सीएम बोले-60 दिन में 50 हजार भर्तियों का लक्ष्य, विपक्ष ने बताया ढकोसला

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-सीएम का दावा-सीईटी को लेकर कोई विवाद नहीं, तीन साल के लिए मान्य
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-कांग्रेस, आप और इनेलो ने नौकरियों को लेकर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। ग्रुप सी और डी की भर्तियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नौकरियों को लेकर प्रदेश सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दावा किया है कि आगामी 60 दिनों में 50 हजार पदों पर भर्तियां की जाएंगी। इसके लिए रोडमैप तैयार कर लिया है। इनमें ग्रुप सी और डी में जहां सीईटी पास युवाओं को मौका मिलेगा, वहीं ए और बी श्रेणी की भर्तियों में परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर मेरिट पर भर्तियां होंगी। अगले सप्ताह इसका कैलेंडर भी जारी कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सोमवार को यहां प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। वहीं, विपक्षी दल कांग्रेस, आप और इनेलो ने सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा है कि यह केवल युवाओं को गुमराह करने का ढकोसला है। भर्ती के नाम पर मनमर्जी के नियम बनाकर भर्तियों को अटकाने का काम किया जा रहा है।


भर्ती रोको गैंग है कांग्रेस, नौकरियों पर श्वेत पत्र जारी करें: सीएम सैनी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि सीईटी तीन साल के लिए मान्य है। सीईटी पर कोई विवाद नहीं है, केवल सामाजिक आर्थिक आधार के पांच अंकों को न्यायालय ने खारिज किया है। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए सीएम ने कहा कि कांग्रेस भर्ती रोको गैंग की तरह काम कर रही है। क्योंकि खुद कांग्रेस के समय में पर्ची-खर्ची, जाति और क्षेत्र के आधार पर नौकरियां दी जाती थीं, लेकिन भाजपा सरकार ने इस परंपरा को बदला है और गरीबों को मेरिट के आधार पर नौकरियां दी हैं। नायब सैनी ने कांग्रेस को चेतावनी दी कि 10 साल के कार्यकाल के दौरान भर्तियों पर श्वेत पत्र जारी करें। सैनी ने कहा कि वे डंके की चोट पर कहते हैं कि भाजपा ने 1.32 लाख नौकरियां पारदर्शिता व योग्यता के आधार पर, बिना भाई-भतीजावाद व पर्ची-खर्ची के दी हैं। सीएम ने कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला को भी निशाने पर लिया।
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सीएम ने कहा कि ग्रुप सी के 10500 और ग्रुप डी के 11 हजार कर्मचारियों को नियुक्ति दी जा चुकी है। इसके साथ ही 2657 नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है, इसका रिजल्ट रोका हुआ है। क्योंकि इनको आर्थिक-सामाजिक आधार के अंकों को लाभ मिलना था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा सीईटी पास चार गुणा युवाओं को भर्ती के लिए बुलाया गया था। टेक्निकल भर्ती में चार गुणा अभ्यर्थी नहीं मिले, हालांकि जितने युवा पास हुए, उन सभी को भर्ती के लिए बुलाया गया। इनमें जेई, स्टाफ नर्स, जूनियर कोच सहित कई अन्य श्रेणी थी, जहां पर चार गुणा युवा नहीं मिल पाए। उन्होंने कहा कि जूनियर कोच के 152 पद थे, जबकि 457 युवा पास हुए, इसके साथ ही स्टाफ नर्स के 1554 पद थे, जबकि 2328 अभ्यर्थी पास हुए, उन सभी को बुलाया गया।


हजारों युवाओं का भविष्य अंधकारमय

भाजपा सरकार के संविधान विरोधी फैसले से प्रदेश के हजारों युवाओं की नौकरी पर प्रश्न चिह्न लग गया है। प्रदेश से बाहरी युवाओं को नौकरी देने के लिए भाजपा 5 नंबर अतिरिक्त देने का फार्मूला लेकर आई थी। भाजपा ने पिछले 10 सालों में एक भी नौकरी भर्ती परीक्षा बिना विवादों के पूरी नहीं की है। प्रदेश में 25 लाख युवा बेरोजगार हैं। प्रदेश के कई जिलों से युवा विदेश में पलायन कर चुके हैं। इस बार आम आदमी पार्टी प्रदेश में सरकार बनाएगी और खाली 2 लाख पदों को भरने का काम करेगी।
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-अनुराग ढांडा, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, आप।
आयोग को बर्खास्त किया जाए, मुख्यमंत्री दें इस्तीफा

हरियाणा सरकार भर्ती रोको गैंग है, जिसकी वजह से 20 लाख से अधिक नौजवानों की जिंदगी बर्बाद हो गई। सरकार की गलत नीतियों के चलते लंबे समय से भर्तियां अटकी हुई हैं। बार-बार मनमाने नियम बनाने से भर्ती रोकी जा रही हैं और बार-बार यह भर्ती अदालत में चैलेंज हो रही हैं। साढ़े तीन साल से इसी जंजाल में भाजपा व इससे पहले की भाजपा-जजपा सरकार ने हरियाणा के युवाओं के भविष्य को उलझाकर रखा है। इसके अलावा लाखों बच्चे 12वीं व ग्रेजुएशन पास कर नई सीईटी परीक्षा में बैठने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि ग्रुप सी व ग्रुप डी की नौकरियां पा सकें। आयोग को बर्खास्त किया जाए और मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
-रणदीप सिंह सुरजेवाला, महासचिव, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ।
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