फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा पंचायत चुनाव: पिछड़ा वर्ग के लिए ड्रॉ से आरक्षित किए जाएंगे वार्ड, सरकार लाएगी अध्यादेश

Thu, 01 Sep 2022 05:26 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

जहां पर सरपंच का पद पहले से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं उन ग्राम पंचायतों को छोड़कर पिछड़े वर्ग (ए) की आबादी का सबसे बड़ा प्रतिशत है, वहां बाद के चुनाव में रोटेशन द्वारा सरपंच के पद के लिए आरक्षण किया जाएगा। 
विज्ञापन
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा में सितंबर-अक्तूबर माह में प्रस्तावित पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग-ए के लिए वार्ड ड्रॉ से आरक्षित होंगे। हर चुनाव में रोटेशन के आधार पर इस वर्ग को आरक्षण मिलेगा। मनोहर लाल मंत्रिमंडल ने अध्यादेश के जरिये हरियाणा पंचायत राज अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है। विधानसभा का शीतकालीन सत्र दूर होने के कारण सरकार को अध्यादेश लाना पड़ा।

विज्ञापन


पिछड़ा वर्ग-ए को इसी पंचायत चुनाव में आरक्षण देने के कारण हरियाणा सरकार शीतकालीन सत्र का इंतजार नहीं कर सकती थी। अध्यादेश लाकर पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 9, 59 और 120 में संशोधन किए गए हैं। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अगले कुछ दिनों में आरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। सरकार इसके बाद राज्य चुनाव आयोग को चुनाव करवाने के लिए पत्र लिखेगी।

यह अध्यादेश अब पंचायती राज (संशोधित) अध्यादेश, 2022 कहलाएगा। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित वार्डों को छोड़कर पिछड़ा वर्ग के पंच सदस्य के लिए ड्रॉ से वार्ड आरक्षित किए जाएंगे। ग्राम सभा में बीसी-ए की आबादी दो प्रतिशत होने पर भी कम से कम एक पंच जरूर होगा। वर्ग को उच्चतम जनसंख्या वाली पंचायतों में ड्रा के जरिये आरक्षण दिया जाएगा। जहां सरपंच का पद पहले से उप-धारा (5) के तहत अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, उनकी जगह बीसी-ए की सबसे अधिक जनसंख्या वाली पंचायतों में सरपंच पद के लिए आरक्षण दिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

धारा 59 का संशोधन
हर पंचायत समिति में पिछड़ा वर्ग-ए के लिए वार्ड आरक्षित होंगे। पंचायत समिति क्षेत्र में वर्ग की जनसंख्या के आधे के अनुपात में सदस्य के पद आरक्षित किए जाएंगे। 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण की स्थिति में कोई पद आरक्षित नहीं होगा। बीसी-ए के लिए 50 प्रतिशत सीमा तक ही पद आरक्षित होंगे। इनमें ड्रा या रोटेशन प्रणाली अपनाई जाएगी।

धारा 120 का संशोधन
जिला परिषद में भी पिछड़ा वर्ग-ए के लिए पद आरक्षित होंगे। क्षेत्र में वर्ग की जनसंख्या के आधे अनुपात में सदस्य के लिए पद आरक्षित किए जाएंगे। आरक्षित किए जाने वाले पदों की संख्या कुल वार्डों की एक तिहाई होगी। ये वे वार्ड होंगे जिनमें बीसी-ए की जनसंख्या का प्रतिशत सबसे अधिक होगा।

पहली बार मिलेगा बीसी-ए को आरक्षण: मनोहर
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जल्द ही पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव करवाए जाएंगे। इनमें पिछड़ा वर्ग-ए को पहली बार आरक्षण दिया जाएगा। बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने इस वर्ग को पंचायती राज संस्थाओं में राजनीतिक आरक्षण देने के निर्देश दिए थे। सरकार ने आरक्षण तय करने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग गठित किया था। उसने सैंपल सर्वे कर रिपोर्ट पेश की। मंत्रिमंडल ने रिपोर्ट को मंजूरी देकर अध्यादेश लाकर हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 में संशोधन किया है।

शीतकालीन सत्र में आएगा संशोधन विधेयक
सरकार अध्यादेश को शीतकालीन सत्र में संशोधन विधेयक में बदलकर सदन पटल पर पारित कराने के लिए रखेगी। अध्यादेश किसी फैसले को तुरंत लागू करने के लिए लाया जाता है, जिसे विधानसभा के आगामी सत्र में विधेयक के जरिये पारित करवाना जरूरी होता है। वैसे तो विपक्ष अध्यादेश लाने का विरोध करता है लेकिन इन्हीं पंचायत चुनावों से बीसी-ए को आरक्षण देने की मांग सभी दल कर रहे थे। ऐसे में विधानसभा में सरकार को विपक्ष का विरोध नहीं झेलना पड़ेगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें