फसली ऋणों की अदायगी समय पर नहीं करने वाले किसानों को पांच प्रतिशत की दर से ब्याज पर पेनल्टी लगाई जाती थी, जो अब पूरी तरह माफ की जाएगी। चार प्रतिशत राज्य सरकार की ओर से वहन की जाएगी और नाबार्ड की तीन प्रतिशत ब्याज की दर में से 1.5 प्रतिशत प्रदेश सरकार और 1.5 प्रतिशत पैक्स अपने स्तर पर वहन करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पैक्स के ऋणी किसानों को इस घोषणा से 2500 करोड़ का लाभ मिलेगा।
सहकारी बैंकों के 85 हजार ऋणी किसानों को लाभ
जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों से प्रदेश के 85 हजार किसानों ने ऋण लिए हैं, जिनकी मूल ऋण राशि 1800 करोड़ रुपये बनती है, जिनमें से 32 हजार किसानों के खाते एनपीए हो गए हैं। बैंकों द्वारा 12 से 15 प्रतिशत की ब्याज दर से किसानों को ऋण दिया जाता है। सरकार ने ऐसे किसानों की सहायता के लिए एक कार्य योजना बनाई है, जिसमें पेनल्टी पूरी तरह से माफ कर दी गई है।
जिन किसानों ने जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों से पांच लाख रुपये तक का ऋण लिया है, उन्हें दो प्रतिशत ब्याज दर में छूट, पांच से दस लाख रुपये तक के ऋण वाले किसानों को पांच प्रतिशत ब्याज दर में छूट और 10 लाख से अधिक के ऋण पर 10 प्रतिशत ब्याज दर में छूट दी जाएगी। इस पर किसानों का चक्रवृद्धि ब्याज पूरी तरह से माफ कर दिया गया है। इससे किसानों को 1800 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।
लैंड मॉरगेज बैंक के ऋणी किसानों को 450 करोड़ का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि तीसरी श्रेणी के हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास बैंक (लैंड मॉरगेज बैंक) के 1.10 लाख ऋणी किसान हैं, जिनमें से 70 हजार किसानों के खाते एनपीए हो चुके थे। इन किसानों की मूल ऋण राशि 750 करोड़ रुपये की है और ब्याज व जुर्माने की राशि 1400 करोड़ देय बनती है।
इन बैंकों के किसानों का पूरा पैनल ब्याज माफ कर दिया गया है। केवल सामान्य ब्याज का 50 प्रतिशत ही किसानों को देना होगा, शेष 50 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। लैंड मॉरगेज बैंक के किसानों को इस योजना से 450 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।
अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार कुल 4750 करोड़ रुपये का राहत पैकेज किसानों को दिया जा रहा है। वास्तविक आंकड़ों के बाद पैकेज लगभग पांच हजार करोड़ रुपये के आसपास पहुंच जाएगा। - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री