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10 लाख किसानों को बड़ी सौगात, 4750 करोड़ रुपये का ब्याज और जुर्माना माफ

Tue, 03 Sep 2019 12:44 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक/भिवानी (हरियाणा)
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मनोहर लाल (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के करीब 10 लाख किसानों को विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा तोहफा दिया है। सोमवार को पहले भिवानी में फिर रोहतक में जन आशीर्वाद रथयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने सहकारी बैंकों के ऋणी किसानों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का एलान किया। इस योजना के तहत कर्ज के ब्याज और जुर्माने की करीब 4750 करोड़ की राशि माफ की जाएगी। 

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मुख्यमंत्री ने बताया कि एकमुश्त समाधान योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को तीन महीने में सहकारी बैंकों से लिए गए कर्ज की मूल राशि जमा करानी होगी। मूल ऋण की अदायगी की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2019 तय की गई है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक सहकारी कृषि समितियों, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास बैंक के ऋणी किसानों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। जिन किसानों के खाते इन बैंकों द्वारा एनपीए (नॉन परफार्मिंग एसेस्ट्स) घोषित कर दिए गए थे और किसान ऋणों को नया नहीं करवा पा रहे थे, अब इस घोषणा के बाद किसान फसलों के ऋण खातों का चक्र बदलवा सकेंगे।

पैक्स के ऋणी किसानों को 2500 करोड़ का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राथमिक कृषि एवं सहकारी समितियों से लगभग 13 लाख किसानों ने ऋण ले रखे हैं, जिनमें  से 8.25 लाख किसानों के खाते एनपीए घोषित हो चुके हैं। पैक्स (प्राइमरी एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव सोसायटी) की फसली ऋणों की चार प्रतिशत ब्याज दर राज्य सरकार वहन करती है। तीन प्रतिशत नाबार्ड वहन करता है। 

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फसली ऋणों की अदायगी समय पर नहीं करने वाले किसानों को पांच प्रतिशत की दर से ब्याज पर पेनल्टी लगाई जाती थी, जो अब पूरी तरह माफ की जाएगी। चार प्रतिशत राज्य सरकार की ओर से वहन की जाएगी और नाबार्ड की तीन प्रतिशत ब्याज की दर में से 1.5 प्रतिशत प्रदेश सरकार और 1.5 प्रतिशत पैक्स अपने स्तर पर वहन करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पैक्स के ऋणी किसानों को इस घोषणा से 2500 करोड़ का लाभ मिलेगा।

सहकारी बैंकों के 85 हजार ऋणी किसानों को लाभ
जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों से प्रदेश के 85 हजार किसानों ने ऋण लिए हैं, जिनकी मूल ऋण राशि 1800 करोड़ रुपये बनती है, जिनमें से 32 हजार किसानों के खाते एनपीए हो गए हैं। बैंकों द्वारा 12 से 15 प्रतिशत की ब्याज दर से किसानों को ऋण दिया जाता है। सरकार ने ऐसे किसानों की सहायता के लिए एक कार्य योजना बनाई है, जिसमें पेनल्टी पूरी तरह से माफ कर दी गई है।

जिन किसानों ने जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों से पांच लाख रुपये तक का ऋण लिया है, उन्हें दो प्रतिशत ब्याज दर में छूट, पांच से दस लाख रुपये तक के ऋण वाले किसानों को पांच प्रतिशत ब्याज दर में छूट और 10 लाख से अधिक के ऋण पर 10 प्रतिशत ब्याज दर में छूट दी जाएगी। इस पर किसानों का चक्रवृद्धि ब्याज पूरी तरह से माफ कर दिया गया है। इससे किसानों को 1800 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।

लैंड मॉरगेज बैंक के ऋणी किसानों को 450 करोड़ का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि तीसरी श्रेणी के हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास बैंक (लैंड मॉरगेज बैंक) के 1.10 लाख ऋणी किसान हैं, जिनमें से 70 हजार किसानों के खाते एनपीए हो चुके थे। इन किसानों की मूल ऋण राशि 750 करोड़ रुपये की है और ब्याज व जुर्माने की राशि 1400 करोड़ देय बनती है।

इन बैंकों के किसानों का पूरा पैनल ब्याज माफ कर दिया गया है। केवल सामान्य ब्याज का 50 प्रतिशत ही किसानों को देना होगा, शेष 50 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। लैंड मॉरगेज बैंक के किसानों को इस योजना से 450 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।

अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार कुल 4750 करोड़ रुपये का राहत पैकेज किसानों को दिया जा रहा है। वास्तविक आंकड़ों के बाद पैकेज लगभग पांच हजार करोड़ रुपये के आसपास पहुंच जाएगा। - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री
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