मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर डाचर गुरुद्वारे में नहीं गए तो सिख समाज ने नाराज होकर बीजेपी के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। माफी मांगने की बात कही गई है। सिख समाज के लोगों ने शनिवार को डेरा कार सेवा गुरुद्वारा में बैठक की। करीब तीन घंटे तक चली बैठक में खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए। गांव डाचर स्थित गुरुद्वारे में जरनैल सिंह भिंडरावाला की फोटो लगी होने के कारण सीएम मनोहर लाल के बैठक में नहीं आने पर नाराजगी जताई गई। फैसला किया गया कि सिख समाज मुख्यमंत्री और भाजपा का बहिष्कार करेगा।
चेताया गया कि अगर छह अक्तूबर तक सीएम गुरुद्वारे में जाकर माथा टेककर माफी नहीं मांगते हैं तो उनका बहिष्कार आगे भी जारी रहेगा। साथ ही इसी दिन प्रदेश के सिख समाज की बैठक होगी, जिसमें एक नवंबर को करनाल आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के संबंध में रणनीति बनाई जाएगी। दूसरी ओर, पत्रकारों से बातचीत में सीएम मनोहर लाल ने कहा कि डाचर गुरुद्वारे में जरनैल सिंह भिंडरेवाला की फोटो लगी थी। इस बारे में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को एक दिन पहले ही बताया गया था, लेकिन सुबह भी फोटो लगी हुई थी, इसलिए सुबह 9 बजे प्रोग्राम रद्द कर दिया गया। इसकी सूचना गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को दे दी गई थी।
वहीं, शनिवार को सीएम मनोहर लाल सुबह डेरा कार सेवा गुरुद्वारा में मत्था टेकने पहुंचे। बता दें कि शुक्रवार को सीएम मनोहर लाल कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिक्रमा पर थे। इस दौरान वह जिले के 13 तीर्थ स्थानों की यात्रा कर रहे थे। दोपहर को सीएम डाचर गांव के दक्षेश्वर तीर्थ पर पहुंचे। इसके बाद इसी तीर्थ के सामने गुरुद्वारे में भी माथा टेकने के लिए जाना था, लेकिन सीएम गुरुद्वारे में नहीं गए। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि गुरुद्वारे में जरनैल सिंह भिंडरावाला की फोटो लगी थी। सीएम ने फोटो हटाने को कहा था, लेकिन गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने फोटो नहीं हटाया।
इस कारण सीएम गुरुद्वारे नहीं गए। इससे सिख समाज के लोग नाराज हो गए। उन्होंने दमकल की गाड़ी में तोड़फोड़ की और खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। इस संबंध में पुलिस ने करीब 134 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।