हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों से आह्वान किया कि वे स्वयं को किसी भी राजनीतिक दल से न जोड़ें। न ही किसी स्थान विशेष से लगाव रखें। अपनी जरूरतों को सीमित रखते हुए अपना कार्य बगैर किसी भय से करें।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में 181 आईएएस प्रोबेसनर्स को संबोधित कर रहे थे। इनमें भूटान सिविल सेवा के 2015 बैच के तीन अधिकारी भी हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अधिकारियों को सुशासन पर कुछ टिप्स दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘सियासी लोगों के साथ काम करते करते हुए कठिनाइयां आएंगी, उन्हें झेलना भी पड़ेगा। कभी-कभी गलती हो जाए तो भी खुद को नेताओं के साथ न जोड़ें। खास राजनीतिज्ञ या कोई भी पार्टी सत्ता में स्थायी नहीं होती है। आप 35 वर्ष के लिए स्थायी तौर पर रहने के लिए चुने गए हैं। नई सत्ता जब भी बनेगी उनकी सुनेंगे, काम उनके हिसाब से करेंगे, लेकिन अटैच नहीं होंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी छोटी बात पर शासक के साथ लड़ाई में नहीं पड़ना चाहिए। अगर विवाद में पड़ गए तो दोनों पक्षों का नुकसान होता है और कभी कभी जनता को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। इसका मतलब यह नहीं कि नेता ने गलत कहा तो गलत करेंगे। रास्ता कैसे निकालेंगे विचार करेंगे, अगर जरूरत पड़े तो उन्हें समझाने से भी गुरेज नहीं करना चाहिए।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मैं अलग तरीके का राजनीतिज्ञ हूं, मैं दूसरों की तरह काम नहीं करता। राजनीतिज्ञों के बारे में कई तरह की धाराणाएं बनी हुई है, जिसे बदलना एक बड़ी चुनौती है। मैं नियमित रूप से योग करता हूं। भ्रष्टाचार को कैंसर बताते हुए मुख्यमंत्री ने आईएएस अधिकारियों से आग्रह किया कि खुद को भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं करेंगे।