जैसा अनुमान जताया गया था, मौसम में उसी तरह का बदलाव देखा गया है। शुक्रवार को भी सवेरे से बारिश रही और साथ में ठंडी हवाओं ने कंपकंपी बढ़ाई। वीरवार को पूरे दिन रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। रात करीब आठ बजे बारिश की शुरुआत हुई, जो देर रात तक जारी रही। बीच में चल रही हवाओं ने ठंड का अहसास बढ़ा दिया। पूरे दिन बादल छाए रहे।
वीरवार को अधिकतम तापमान 18.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम था। इसके विपरीत रात के तापमान सात डिग्री की बढ़ोतरी की गई है। बुधवार रात का तापमान 13.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से सात डिग्री ज्यादा रहा। बादलों की वजह से रात के तापमान में बढ़ोतरी रिकार्ड की गई है।
पूरे दिन करीब एक एमएम बारिश रिकार्ड की गई। मौसम विभाग की ओर से बताया गया है कि 13 दिसंबर को बादलों के साथ बारिश की भी संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग की ओर से बताया गया है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने से मौसम में बदलाव आया है। पहाड़ों में जबरदस्त बर्फबारी व बारिश हो रही है तो मैदानी इलाकों में घने बादल छाए हुए हैं।
चंडीगढ़ सहित पूरी ट्राइसिटी में करीब एक से तीन सेंटीमीटर बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि अभी ज्यादा बारिश रिकार्ड नहीं की गई है लेकिन इसके पूरे आसार हैं कि ट्राइसिटी के एक दो इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है।
आगे कैसा रहेगा मौसम
बर्फबारी व बारिश के बाद चंडीगढ़ सहित हरियाणा व पंजाब के शहरों में ठंड बढ़ जाएगी। 14 दिसंबर को हल्के बादल छाए रहेंगे। 15 दिसंबर को मौसम साफ हो जाएगा। उसके बाद रात के तापमान में चार से छह डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
तापमान में गिरावट और वातावरण में मौजूद नमी के चलते 14-15 दिसंबर से कोहरा भी छाने की संभावना है। अगले तीन दिन अधिकतम तापमान में 16-18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री के बीच रिकार्ड किया जा सकता है।
प्रदूषण पहुंचा खतरनाक स्थिति में
बादलों के छा जाने से हवा में की गुणवत्ता काफी खराब हुई है। वीरवार को सेक्टर 25 का वायुगणुवत्ता सूचकांक 272 दर्ज किया गया, जबकि इंडस्ट्रियल एरिया का एयर क्वालिटी इंडेक्स 334 दर्ज किया गया। पीएम 2.5 की मात्रा भी तय लिमिट से ज्यादा रिकार्ड की जा रही है। सेक्टर 25 में लगे मापन यंत्र के मुताबिक पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 351 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया।
तय मानक के मुताबिक 24 घंटे में हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होनी चाहिए। इससे ज़्यादा होने पर स्थिति खतरनाक मानी जाती है। पीएम 2.5 प्रदूषण में शामिल वो सूक्ष्म कण है, जो व्यक्ति के फेफड़ों तक जा सकते हैं। शरीर के बाल का साइज पीएम 50 होता है। इससे आसानी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि पीएम 2.5 कितने बारीक कण होंगे। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश से प्रदूषण पूरी तरह से घुल जाएगा।
प्रदूषण बढ़ना तो नहीं चाहिए क्योंकि बारिश हो रही है। बरिश से प्रदूषण घटता है। हवा की गुणवत्ता क्यों खराब हुई है, यह जानना पड़ेगा। मुझे उम्मीद है कि शुक्रवार को प्रदूषण पूरी तरह से साफ हो जाएगा।
- रविंद्रा खैवाल, एडिशनल प्रोफेसर, स्कूल आफ पब्ल्कि हेल्थ, पीजीआई चंडीगढ़