चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 में एमबीबीएस दाखिले की प्रक्रिया में जुलाई में किए गए संशोधन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इसे संज्ञान में लेते हुए कोर्ट ने यूटी प्रशासन को नोटिस भेजा है। इस पर 21 अक्तूबर तक यूटी प्रशासन को अपना जवाब देना है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एमबीबीएस प्रवेश प्रक्रिया की काउंसलिंग पर बादल छा गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि अगर मामला शीघ्र निर्णय पर नहीं पहुंचा तो प्रवेश प्रक्रिया के साथ ही सत्र में भी विलंब हो सकता है।
याचिका दाखिल करते हुए अनन्या गोस्वामी ने बताया है कि उसने दसवीं तक की पढ़ाई पंचकूला में चंडीमंदिर आर्मी स्कूल से की है। 11वीं व 12वीं की पढ़ाई चंडीगढ़ से की। एमबीबीएस में दाखिले के लिए सामान्य श्रेणी में शर्त यह है कि आवेदक की दसवीं से बारहवीं तक की पढ़ाई चंडीगढ़ से पूरी होनी चाहिए। इससे डिफेंस पर्सनल बोर्ड की आरक्षित सीट को अभी तक छुट थी। एमबीबीएस एडमिशन की प्रक्रिया आरंभ होने के बाद प्रशासन ने इस छूट को वापस ले लिया है। अब नियम यह है कि सेना में जाने से पहले जो व्यक्ति चंडीगढ़ का स्थायी निवासी रहा हो उसे ही आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। याचिकाकर्ता ने इससे पहले पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट से अंतरिम राहत न मिलने के कारण उसे सुप्रीम कोर्ट में शरण लेनी पड़ी। सुप्रीम कोर्ट ने एडमिशन की प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए अब यूटी प्रशासन को 21 अक्तूबर तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
सताने लगी ये चिंता
जीएमसीएच-32 की स्टेट मेरिट लिस्ट 22 अक्तूबर को जारी होनी थी। अब इस मामले के बाद इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि तय तिथि पर लिस्ट जारी हो भी पायेगी या नहीं। वहीं काउंसिलिंग की पहली डेट 22 अक्तूबर पर भी विलंब होने की चिंता सताने लगी है।