चंडीगढ़। सेक्टर-46 स्थित श्री धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल कोविड के एसिंप्टोमेटिक मरीजों के इलाज के लिए 24 मई से क्लीनिकल ट्रायल शुरू कर रहा है। इसमें वह मरीज शामिल होंगे जिनमें कोरोना के कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं। मिनिस्ट्री ऑफ आयुष के दिशा-निर्देश पर होने वाले इस ट्रायल से ही मरीजों को कोरोना मुक्त करने का प्रयास है। श्री धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल के जनरल सेक्रेटरी डॉ. नरेश मित्तल ने बताया कि सेंट्रल काउंसिल ऑफ रिसर्च इन आयुर्वेदिक साइंस (सीसीआरएएस) के साथ मिलकर आयुर्वेदिक पद्धति से मरीजों को ठीक करने का ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल के दौरान मरीजों को सीसीआरएस की ओर से आयुष-64 टेबलेट के दी जाएगी। इस ट्रायल को पूरा होने में लगभग तीन महीने का समय लगेगा। इसके बाद आयुष विभाग की ओर से कोरोना के एसिंप्टोमेटिक मरीजों के लिए दवा की का निर्धारण किया जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि इस दवा के सेवन से 14 दिन बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगा। जनरल सेक्रेटरी ने बताया कि श्री धनवंतरी आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल को कोविड केयर सेंटर बनाए जाने के बाद से 50 मरीज भर्ती किए गए हैं। 7 मई से भर्ती मरीजों को आयुष-64 टेबलेट, अगस्त हरीतकी अवलेह एवं अनुतेल नस्य का सेवन कराया गया। इसके नतीजे सकारात्मक रहे और 10 दिन के भीतर करीब 34 मरीज पूरी तरह से ठीक हो गए। अब ठीक हुए मरीजों को मंगलवार को सेक्टर-22 स्थित सूद धर्मशाला में क्वारंटीन कर दिया गया हैं। इनमें 6 साल से 65 साल उम्र के मरीज शामिल हैं।