स्मार्ट सिटी की रेस में भले ही चंडीगढ़ टॉप-20 से बाहर हो गया हो, मगर खुशी की बात यह है कि देश के सबसे स्वच्छ शहरों के सर्वे में सिटी ब्यूटीफुल ने दूसरा स्थान पाया है। नार्थ रीजन में साफ-सफाई में चंडीगढ़ पहला शहर है, जिसे यह अवार्ड मिला है। जबकि यूटी राज्यों में भी चंडीगढ़ टॉप पर है। इसके साथ ही सिटीजन फीडबैक में भी शहर को पहला स्थान हासिल हुआ है।
केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय ने सोमवार को दिल्ली में देशभर के 10 लाख से ज्यादा की आबादी के शहरों की सफाई की रैंकिंग की घोषणा की। इसमें मैसूर ने पहले नंबर पर कब्जा किया है।
पिछले साल 21वें नंबर पर था चंडीगढ़
मालूम हो कि पिछले साल अगस्त में जो रैंकिंग की घोषणा की गई थी, उसमें चंडीगढ़ 21वें स्थान पर था। अब रैंकिंग में सुधार होने से प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी काफी खुश है, क्योंकि प्रशासन और नगर निगम की उस समय से काफी किरकिरी हो रही थी।
शहरी विकास मंत्री ने किया सम्मानित
अवार्ड लेने के लिए चंडीगढ़ के मेयर अरुण सूद, निगम कमिश्नर बी पुरुषार्था और ज्वाइंट कमिश्नर राजीव गुप्ता खुद दिल्ली गए, जिन्हें केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने अवार्ड दिया।
इस बार कम शहरों पर सर्वे
पिछले साल जब चंडीगढ़ को 21वां स्थान मिला था, उस समय 476 शहरों का सर्वे किया गया था, जबकि चंडीगढ़ का दूसरे स्थान पर चयन 75 शहरों में से किया गया है।
1716 नंबर मिले
केंद्र सरकार की ओर से सर्वे में चंडीगढ़ को 1716 अंक मिले हैं, जबकि पहले स्थान रहने वाले मैसूर सिटी को 1748 अंक हासिल हुए हैं। ये अंक दो हजार में से दिए गए हैं।
रैंकिंग सुधारने में शहरवासियों का अहम रोल
टॉप-2 में आने में शहरवासियों का अहम रोल है, क्योंकि जब इसके लिए शहर में सर्वे शुरू हुआ तो मंत्रालय की ओर से शहर के बारे में हजारों लोगों से फीडबैक लेने के लिए जो सवाल पूछे गए थे, उस पर शहरवासियों ने अपनी राय दी थी।
प्रशासक के सलाहकार विजय देव ने जनवरी में सेक्टर-22 में कैंप लगाकर लोगों को इसके लिए जागरूक भी किया था। 8 से 11 जनवरी तक मंत्रालय की ओर से एक टीम ने शहर का सर्वे किया था। नगर निगम ने मंत्रालय को 10 हजार लोगों के फोन नंबर का डाटा भेजा था।
केंद्र सरकार ने शहरवासियों से पूछे थे ये सवाल
-क्या आपके आसपास का एरिया साफ रहता है?
-क्या आपके एरिया में डस्टबिन आसानी से उपलब्ध होता है?
-क्या पब्लिक टायलेट शहर में आराम से मिल जाता है?
-पब्लिक टायलेट में नल, फ्लश, हैंडवाश, लाइटिंग और दरवाजे की व्यवस्था है कि नहीं?
-क्या आपके घर में टायलेट है?
टॉप-20 स्मार्ट सिटी में से सिर्फ तीन शहर सफाई में टॉप-10 में
केंद्र सरकार की ओर से स्मार्ट सिटी के जिन टॉप-20 शहरों की घोषणा की गई है, उनमें सिर्फ तीन शहर ऐसे हैं जो सफाई में टॉप-10 में हैं। इनमें न्यू दिल्ली नगर निगम, विशाखापटनम और सूरत का नाम शामिल है।
रैंकिंग सुधारने के लिए निगम ने क्या-क्या किया
-जिस समय शहर में सर्वे हुआ, उस समय शहर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। शहरवासियों और रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों को उसमें शामिल किया गया।
-यह प्रयास किया गया कि शहर में रखे डस्टबिन से प्रतिदिन कूड़ा उठे।
-खुले में शौच करने वालों को कर्मचारियों ने रोका। इसके लिए एमओएच विंग की ओर से अलग टीमें लगाई गईं थीं।
-रात को भी मशीनों का प्रयोग करके सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं।
-टॉप-2 में आने का एक कारण यह भी रहा कि शहर में नाममात्र घर ही ऐसे हैं, जिनमें टॉयलेट नहीं हैं। इसके भी अलग से नंबर तय थे।
-नगर निगम की ओर से सफाई के प्रति जागरूक करने के लिए शिविर लगाए गए।
-शहर के प्रमुख स्थलों में डस्टबिन लगाए गए।
इन मापदंडों पर चंडीगढ़ का हुआ है चयन
-खुले में शौच को रोकना, शहर के सॉलिड वेस्ट मनैजमेंट की व्यवस्था।
-लोगों को सफाई के प्रति जागरूक करना और उनके व्यवहार में बदलाव लाना।
-सफाई की व्यवस्था, डोर टू डोर गारबेज इकट्ठा करना और कूड़े को ले जाने के लिए ट्रांसपोर्ट व्यवस्था का होना।
-कूड़े को प्रोसेस करने की व्यवस्था।
-शहर में लोगों के पब्लिक टायलेट की व्यवस्था
-घरों में बने हुए हैं टॉयलेट
पहले नंबर के लिए रहेंगे प्रयासरत
मेयर अरुण सूद का कहना है कि चंडीगढ़ की रैंकिंग सुधरना पूरे शहर के लिए खुशी की बात है, लेकिन अभी बहुत काम बाकी हैं। चंडीगढ़ सही मायने में सिटी ब्यूटीफुल और स्वच्छ शहर बने यह हमारा प्रयास रहेगा। उनका कहना है कि अगले साल रैंकिंग में पहला स्थान आए, इसका प्रयास किया जाएगा। उनका कहना है कि जमीनी हकीकत पर पहले नंबर पर आए, इसका भी ध्यान रखा जाएगा।
शहर पहले से हर मामले में नंबर वन
कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि शहर के लिए यह कोई नई बात नहीं है। उनका कहना है कि पहले भी चंडीगढ़ को सफाई, पानी और सेनिटेशन में कई अवार्ड मिल चुके हैं। उनका कहना है कि शहर पहले से ही हर मामले में नंबर-1 है। इस समय जो रैंकिंग में सुधार आया है, वह शहर की जनता की ही बदौलत है।