गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अध्यक्षता के लिए झड़प
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गांव सद्दा सिंह वाला में छठी पातशाही गुरु हरगोबिंद साहिब गुरुद्वारा मंजी साहिब की प्रबंधक कमेटी की अध्यक्षता के लिए गुरुद्वारा साहिब में दो गुटों में खूनी झड़प हो गई। इस दौरान तलवारबाजी और धक्का मुक्की के दौरान पगड़ी उतर गई और कई अन्य ने भागकर जान बचाई। इस दौरान एक महिला समेत 7 लोग घायल हो गए। वे स्थानीय सिविल अस्पताल में दाखिल हैं।
गांव सद्दा सिंह वाला में गुरुद्वारा साहिब की अध्यक्षता को लेकर दो गुटों में करीब ढाई माह से टकराव की स्थिति बनी हुई है। बीती 23 जुलाई को दोनों गुटों ने गुरुद्वारा साहिब की गोलक को ताला लगा दिया था। इस मुद्दे के हल के लिए इस हलके से कांग्रेस विधायक डॉ. हरजोत कमल सिंह रविवार दोपहर बाद करीब 2 बजे गुरुद्वारा साहिब पहुंचे। इस दौरान डीएसपी सिटी गोबिंदर सिंह भी मौजूद थे।
मौके पर विधायक ने दोनों गुटों का पक्ष सुना। उनके साथ फिर 12 सितंबर को 3 बजे गुरुद्वारा साहिब में बैठक करने का समय रख लिया। इसके बाद विधायक गुरुद्वारा साहिब से बाहर ही निकले थे कि दोनों गुटों में गाली गलौच के बाद तलवार बाजी और धक्का मुक्की शुरू हो गई। इस बीच लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। इस मौके कई लोगों की पगड़ी उतर गई।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अध्यक्षता के लिए झड़प
इस मौके पर डीएसपी सिटी गोबिंदर सिंह ने अपने गनमैनों के साथ लोगों को खदेड़ा और स्थिति पर नियंत्रण किया। घटना में घायल प्रीतम सिंह, बलवंत सिंह, सिंगारा सिंह, सुखजिंदर सिंह और महिला परवीन कौर और चंद सिंह, इंद्रजीत सिंह और गुरप्रीत सिंह सिविल अस्पताल में दाखिल हैं।
डीएसपी सिटी गोबिंदर सिंह ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गांव के लोगों के अनुसार गुरुद्वारा साहिब में लंबे समय से शांतिपूर्ण प्रबंध चल रहा था।
इस दौरान पुरानी प्रबंधक कमेटी के नेता नेे गुरुद्वारा साहिब की सेवा छोड़ने की आवाज दिला दी थी। इसके बाद गांव दो गुटों में बंट गया। दोनों गुटों ने अपनी अपनी प्रबंधक कमेटी बना ली। बीती 23 जुलाई को दोनों गुटों ने गोलक को ताला लगा दिया था।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अध्यक्षता के लिए झड़प
पुरानी कमेटी नेता गुरभेज सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी से जुड़े कुछ गर्मख्याली गांव का माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि गांव की संगत ने नई कमेटी प्रधान गुरप्रीत सिंह को नामंजूर कर दिया है, लेकिन उसके अध्यक्षता के लिए अडिग होने से गांव का शांत माहौल बिगड़ रहा है।
नई कमेटी के प्रधान गुरप्रीत सिंह ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के रोष में उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान अकालियों को काली झंडियां दिखाकर चुनाव में आप की मदद की थी। इसके बाद यह फैसला हुआ कि खजांची और उपाध्यक्ष का पद पुरानी कमेटी और प्रधान एवं सेक्रेटरी नई कमेटी का होगा। उन्होंने कमेटी का चयन कर लिया था, लेकिन गांव के कुछ लोग बेवजह इस मुद्दे को तूल दे रहे हैं।