मामला पंजाब केे अमृतसर का है, जहां पोस्टमार्टम हाउस में शनिवार को स्थिति उस समय नाजुक हो गई जब एक डेड बॉडी के लिए दो महिलाएं आपस में लड़ पड़ीं। दोनों मृतक को अपना पति बता रही थीं। करीब चार घंटे तक दोनों महिलाओं के बीच झड़प होती रही। दोनों की तरफ से उनके समर्थक हाथापाई पर उतरते इसके पहले ही ब्यास पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसका अमृतसर के शहीदा साहिब के पास श्मशान घाट में अंतिम संस्कार करवा दिया।
पुलिस ने मामले में अभी तक किसी पक्ष को असली-नकली करार नहीं दिया है। जांच जारी है। मृतक गुरनाम सिंह बाबा बकाला में सब इंसपेक्टर तैनात थे। किन्हीं कारणों से उनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही थी, नतीजा आने से पहले ही वह सेवामुक्त हो गए थे।
जांच अधिकारी सविंदर सिंह कहते हैं कि पोस्टमार्टम हाउस के बाहर एक महिला बाबा बकाला तो दूसरी फतेहगढ़ चूड़ियां की रहने वाली थी। दोनों मृतक को पति बता रही थीं। अब दोनों में असली कौन और नकली कौन इस पर बहस होने लगी। पुलिस के पास कोई चारा नहीं था कि वो असली या नकली साबित कर सके। ऐसे में चार घंटे की मशक्कत के बाद जब दोनों महिलाएं नहीं शांत हुईं तो पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम करवा दिया है। पुलिस ने इसलिए शव का पोस्टमार्टम कराया, क्योंकि गुरनाम सिंह के खिलाफ विभागीय जांच चलने के चलते विभाग के पास मृतक का नौकरी के दौरान का पैसा जमा है। ऐसे केस में पुलिस शव को पोस्टमार्टम कराती है।