उन्होंने कहा कि गलत तरीके से आम लोगों को परेशान करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है जबकि सेक्टर-34 में ग्राउंड के अंदर प्राइवेट बसें खड़ी रहती हैं, इन पर किसी की नजर नहीं जाती है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट बसें काफी ज्यादा संख्या में खड़ी हैं। उन्होंने बताया कि इसको लिखित शिकायत की गई है। डीसी और एसएसपी को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है। अब दुकानदारों को निगम की तरफ से परेशान किया जा रहा है जबकि इनके पास नगर निगम द्वारा बनाए गए पास हैं, उसके बाद भी इनकी गाड़ियां उठा ली गईं। प्रेमलता ने सवाल उठाते हुए कहा कि जो प्राइवेट बसें खड़ी होती हैं वो किसकी हैं, क्या पुलिस और प्रशासक के अफसरों को पता नहीं है।
उनका कहना है कि जानकारी होने के बाद भी पुलिस और प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है। ग्राउंड में निजी बसों के खड़े रहने से बच्चों को वहां खेलने को नहीं मिलता है। स्थानीय दुकानदार का कहना है कि यहां पिछले 10 साल से गाड़ियां खड़ी कर रहे हैं, इसका पास बनवाते हैं। इसके बावजूद कार्रवाई गलत है। इस नगर निगम ने अभियान के दौरान 20 लोगों का चालान किया है। इसमें 7 कार और 13 मोटर साइकिल और बाइक शामिल है।