स्थानीय कोर्ट ने सड़क हादसे के एक मामले की सुनवाई करते हुए फौजी के परिवार को 44 लाख रुपये का क्लेम अदा करने के आदेश दिए हैं।
23 वर्षीय फौजी की वर्ष 2010 में पिंजौर के पास एक ट्रक की चपेट में आने से हो मौत हो गई थी। वह पिंजौर स्थित सीआरपीएफ कैंप में तैनात थे और 22 हजार रुपये मासिक तनख्वाह थी।
कोर्ट ने उनकी 23 साल की उम्र को आधार मानकर यह मुआवजा अदा करने के आदेश दिए हैं। यह क्लेम ट्रक मालिक और इंश्योरेंस कंपनी को अदा करना होगा।
मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद निवासी प्रवीण कुमार सीआरपीएफ में पिंजौर कैंप में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। 26 जून 2010 को वह अपने सहयोगी रामधर शर्मा के साथ बाइक पर जा रहे थे।
इसी दौरान पिंजौर बाजार के नजदीक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में प्रवीण कुमार की मौत हो गई, जबकि रामधर शर्मा भी गंभीर रूप से घायल हो गए और कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे। यह ट्रक हिमाचल के हमीरपुर का बृजलाल चला रहा था और उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
एडवोकेट ललित गुप्ता ने बताया कि कोर्ट में मृतक फौजी की पत्नी शारदा देवी ने क्लेम केस दायर किया था। इसके अलावा घायल फौजी रामधर शर्मा व उसकी पत्नी सुमन देवी ने भी केस दायर किया था, क्योंकि रामधर भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन्हें कई महीनों तक छुट्टी पर रहकर इलाज कराना पड़ा था।
अपने पति की देखभाल के लिए सुमन देवी को भी छुट्टी पर रहना पड़ा। सभी ने संयुक्त रूप से क्लेम केस दायर किया था। कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि याचिकाकर्ताओं को 44 लाख एक हजार 584 रुपये का क्लेम दिया जाए। इसमें 80 फीसदी हिस्सा मृतक की पत्नी शारदा देवी का होगा, जबकि बाकी रामधर व सुमन को मिलेंगे।