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सिविल मामले आ रहे कम.. वकीलों की आर्थिक हालत तंग

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चंडीगढ़। भारी नुकसान होने के चलते कुछ लोग अभी भी कोरोना की मार से उभर नहीं पाए हैं। कोरोना के कारण अदालत में सिविल मामले दायर नहीं हो रहे हैं। वकीलों के मुताबिक सौ में से केवल 35 प्रतिशत मामले ही आ रहे हैं, जिस कारण वकील आर्थिक मंदी झेल रहे हैं। वकीलों का कहना है कि कोरोना के कारण यदि किसी का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है तो वह वकालत पेशा है। वकालत में प्रवेश करने वाले युवा वकीलों ने अभी तक अदालत आना शुरू नहीं किया है, क्योंकि अदालती प्रक्रिया ठीक प्रकार से नहीं चल पाई है। अधिकतर महिला वकील भी कोर्ट नहीं आ रही हैं। कोरोना के कारण कई लोग बेरोजगार हो गए, जिस कारण वे वकीलों की फीस अदा करने की स्थिति में नहीं हैं। इस कारण भी सिविल मामले नहीं आ रहे हैं।
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क्या कहते हैं वकील
सिविल केस लड़ने वाले वकीलों पर पड़ा प्रभाव
कोरोना का उन वकीलों पर ज्यादा प्रभाव पड़ा है जो सिविल मामले लड़ते थे। साथ ही हाईकोर्ट में भी प्रैक्टिस करते थे। हाईकोर्ट बंद होने के कारण वहां पर री-अपील और रिवीजन का काम ठप हो गया, क्योंकि निचली अदालत में मामले लंबित हैं। इस कारण वकीलों की आय कम हो गई। कुछ लोग अभी भी अदालत आने से हिचकिचा रहे हैं। -विपिन कुमार, वकील जिला अदालत
रोजगार जाने से नहीं आ रहे लोग
अभी केवल 35 प्रतिशत सिविल मामले आने शुरू हुए हैं। लगभग एक साल से अदालतें बंद होने के कारण वकील, क्लर्क, मुंशी और स्टेनो टाइपिस्ट सभी की आय पर काफी प्रभाव पड़ा है। कोरोना काल में रोजगार जाने से लोग अपने परिवार का गुजारा नहीं कर पा रहे हैं तो वकीलों की फीस कहां से देंगे। -अशोक चौहान, सदस्य बार एसोसिएशन
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सौ प्रतिशत काम शुरू होने में थोड़ा वक्त लगेगा
वकीलों ने आर्थिक मंदी से परेशान होकर अदालत खुलवाने के लिए लगातार प्रदर्शन भी किए। 11 महीने से शारीरिक सुनवाई ना होने से पूरा वकील समुदाय संघर्ष कर रहा था। अभी अदालती प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही सौ प्रतिशत काम शुरू होने की उम्मीद है। सभी वकीलों ने काम करना शुरू कर दिया है। सौ प्रतिशत काम शुरू होने में थोड़ा तो समय लगेगा। -गगन अग्रवाल, वकील जिला अदालत
पहले की तरह सुनवाई होनी जरूरी
वकीलों को आर्थिक समस्या होने का एक कारण अदालतों में रेगुलर सुनवाई न होना भी है। कोरोना नियमों का पालन करते हुए पहले की तरह मामलों पर सुनवाई होना बहुत आवश्यक है। हर अदालत के बाहर सैनिटाइजर होना चाहिए, जो अभी नहीं है। मास्क के साथ प्रवेश मिलना चाहिए, तभी वकीलों की समस्या का समाधान होगा। -पलविंदर सिंह, वकील जिला अदालत
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