यूटी प्रशासन ने शहर के 80 बस स्टाप को जल्द स्मार्ट बनाने का दावा किया गया था, लेकिन यह अभी तक यह अधूरे पड़े हैं। बस स्टैंड की छतें खुली पड़ी हैं। टाइम टेबल और पीने के पानी की भी व्यवस्था भी नहीं की गई है। इस कारण लोगों को दिक्कत हो रही है।
सेक्टर-8 स्थित बस स्टाप में रूट चार्ट नहीं लगाया गया है और छत भी खुली है। छात्रा निशा और आयुषि ने बताया कि बस स्टाप पर रूट चार्ट नहीं होने के कारण रोज परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि यहां बसें भी कम ही रुकती हैं। इसलिए परेशानी होती है। वहीं, सेक्टर-18, 27, 28 के बस स्टाप का भी बुरा हाल है। सेक्टर-27 से सीटीयू बस से आईटी पार्क तक सफर करने वाले नीलेश सिंह ने बताया कि बस स्टाप ठीक नहीं होने से परेशानी होती है।
बस स्टाप जर्जर हालात में होने के कारण यहां पर बस नहीं रुकती है। सेक्टर-42, 41 के बस स्टाप का हाल भी ठीक नहीं है। यहां पर भी इस तरह के हालात बने हुए हैं।
बता दें कि प्रशासन ने शहर के 80 बस स्टाप को स्मार्ट बनाने के लिए 3 करोड़ का बजट पास किया है। यहां यात्रियों को पीने के पानी की सुविधा, इलेक्ट्रानिक स्क्रीन से रूट की जानकारी मिलने के दावे किए गए थे।
वहीं, पीजीआई, सेक्टर-16 में बने बस स्टाप का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। वहीं, शहर में कुल 100 बस स्टाप हैं। इसमें से सेक्टर-9 पंजाब सचिवालय, सेक्टर-45 देव समाज कालेज के पास का बस स्टाप बनाया गया है। चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद ने बताया कि इस पर काम चल रहा है। जल्द ही सभी बस स्टैंड को अपडेट किया जाएगा।