चंडीगढ़। नवंबर माह की शुरुआत वायु प्रदूषण के साथ हुई है। शहर की आबोहवा अब खराब की श्रेणी में पहुंच गई है। कुछ दिन पहले तक शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 110 से 120 था, जो अब 235 तक पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में भी स्थिति के अधिक खराब होने की संभावना है। ऐसे हालातों में घर से बाहर निकलने पर लोगों को श्वास से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हवा प्रदूषित होने से सुबह के समय हल्की स्मॉग की चादर छा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि दिल और दमा के मरीजों को घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अगर यह लंबे समय तक रहा तो लोगों को कई दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है। एक्यूआई भले खराब की स्थिति में हैं लेकिन दिन में कई बार पीएम 2.5 बेहद खराब की श्रेणी में जा रहा है। ये बेहद चिंता की है, क्योंकि ये सबसे छोटे कण होते हैं तो सांस लेते वक्त हमारे शरीर के अंदर चले जाते हैं और नुकसान पहुंचाते हैं। पर्यावरण विभाग के अधिकारियों का दावा है कि पड़ोसी राज्यों में जल रही पराली की वजह से सिटी ब्यूटीफुल की हवा प्रदूषित हुई है। साथ ही हवा में नमी बढ़ने के साथ-साथ वाहनों से निकलने वाला धुंआ भी काफी जिम्मेदार है। हालांकि, इससे निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस प्लानिंग नजर नहीं आ रही है।
गाड़ियों की संख्या ज्यादा, चलने से उड़ने वाली धूल प्रदूषण का बड़ा कारण
शहर में वाहनों की संख्या काफी ज्यादा है। उनके चलने से जो धूल निकलती है, वो भी प्रदूषण करने में काफी बड़ा रोल निभाता है। अधिकारियों का कहना है कि इस समस्या से निपटने के लिए हॉर्टिकल्चर विभाग सड़क के किनारे ग्रीनरी कर रहा है। कई जगह पौधे लगा दिए गए हैं और कई जगह काम चल रहा है। इसके अलावा, डीजल की जो गाड़ियां चंडीगढ़ में आती हैं उन्हें लेकर भी विभाग ने चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस को लिखा है कि उनके पास पॉल्यूशन सर्टिफिकेट जरूर होना चाहिए।
200 से ज्यादा एक्यूआई होने पर बढ़ जाती है चिंता
एक्यूआई को स्तर और रीडिंग के हिसाब से 6 श्रेणी में बांटा गया है। 0-50 के बीच एक्यूआई का मतलब वायु शुद्ध है। 51-100 के बीच मतलब वायु की शुद्धता संतोषजनक और 101-200 के बीच मध्यम है। 201-300 के बीच एक्यूआई खराब, 301-400 के बीच एक्यूआई बेहद खराब और 401 से 500 के बीच एक्यूआई गंभीर श्रेणी में आता है। दूसरी ओर, आठ प्रदूषण कारकों के आधार पर तय होते हैं। ये पीएम 10, पीएम 2.5, एनओ 2, एसओ 2, सीओ 2, ओ 3, और एनएच 3 पीबी होते हैं। 24 घंटे में इन कारकों की मात्रा से ही हवा की गुणवत्ता तय होती है।
शहर में एक्यूआई की स्थिति
समय सेक्टर-22 सेक्टर-25 सेक्टर-53
सुबह 8 बजे 176 154 181
दोपहर 12 बजे 184 155 184
दो बजे 235 156 185
चार बजे 222 156 188
शाम छह बजे
रात नौ बजे