चंडीगढ़। देश का पहला सुव्यवस्थित एवं नियोजित शहर चंडीगढ़ अपनी विरासत को सहेजते हुए विकास के पथ पर लगातार दौड़ रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, पर्यटन समेत कई क्षेत्रों में तरक्की के नए आयाम तय कर चंडीगढ़ ने देशभर में अलग पहचान बनाई है।
बीते 07 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी परफॉर्मिंग ग्रेडिंग इंडेक्स-2.0 (पीजीआई-2.0) 2021-22 की रिपोर्ट में चंडीगढ़ स्कूली शिक्षा में देशभर में पहले स्थान पर रहा। 27 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्मार्ट सिटी कॉन्क्लेव 2023 में चंडीगढ़ को सर्वश्रेष्ठ यूटी के खिताब से नवाजा। वहीं, जून में जल शक्ति मंत्रालय की ओर से घोषित चौथे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों में चंडीगढ़ को पहला स्थान मिला। यही नहीं, नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (निरफ-2023) में पीजीआई चंडीगढ़ ने लगातार छठी बार शानदार प्रदर्शन कर देश के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थानों में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
पर्यटन के क्षेत्र में भी शहर आगे बढ़ रहा है। सुखना लेक, रॉक गार्डन व रोज गार्डन के अलावा अब बर्ड पार्क, वायुसेना विरासत केंद्र, रोज गार्डन अंडरपास नए पर्यटक स्थल बन गए हैं। वहीं, सेक्टर-17 की रौनक लौटाने के लिए यहां म्यूजिकल फाउंटेन और प्रोजेक्टर आदि लगाए गए हैं। हालांकि विकास के पथ पर तेजी से दौड़ रहे इस शहर के सामने कई चुनौतियां भी हैं। लगभग पांच लाख की आबादी के लिए तैयार इस शहर की आबादी अब 12 लाख से ऊपर पहुंच गई है, जिसकी वजह से शहर में यातायात का दबाव बढ़ गया है। पीक आवर में शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले मुध्य मार्ग समेत कई प्रमुख सड़कों पर लोग जाम में फंसकर परेशान होते हैं। इससे निपटने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। आबादी बढ़ने के साथ अपराध का ग्राफ भी बढ़ा है। सड़क हादसों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
इतिहास के झरोखे से चंडीगढ़
विभाजन के बाद सन 1947 में पंजाब राज्य को भारत और पाकिस्तान में दो भागों में बांट दिया गया। पंजाब की पुरानी राजधानी लाहौर पाकिस्तान के भाग में चली गई। ऐसे में भारतीय पंजाब को एक नई राजधानी की आवश्यकता पड़ी। पूर्व स्थित शहरों को राजधानी के रूप में बदलने में आने वाली बहुत सी कठिनाइयों के चलते एक नए योजनाबद्ध राजधानी शहर की स्थापना का निर्णय लिया गया और सन 1952 में चंडीगढ़ शहर की नींव रखी गई। इसके बाद एक नवंबर 1966 में चंडीगढ़ को यूटी का दर्जा मिला। उस समय में भारत में चल रही बहुत सी नवीन शहरी योजनाओं में चंडीगढ़ को प्राथमिकता मिली, जिसका मुख्य कारण एक तो नगर की स्थिति और दूसरी वजह तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु की निजी रुचि का होना था। राष्ट्र के आधुनिक प्रगतिशील दृष्टिकोण के रूप में चंडीगढ़ को देखते हुए नेहरू ने इस शहर को अतीत की परंपराओं से उन्मुक्त और राष्ट्र के भविष्य में विश्वास का प्रतीक बताया। शहर के बहुत से ढांचे और इमारतों की वास्तु रचना फ्रांस में जन्मे स्विस वास्तुकार व नगर-नियोजक ली कार्बुजिए ने 1950 के दशक में की थी। कार्बुजिए भी असल में शहर के द्वितीय वास्तुकार थे, जिसका मूल मास्टर प्लान अमरीकी वास्तुकार-नियोजक अल्बर्ट मेयर ने तब बनाया था जब वे पोलैंड में जन्मे वास्तुकार मैथ्यु नोविकी के संग कार्यरत थे। 1950 में नोविकी की असामयिक मृत्यु के चलते कार्बूजिए को परियोजना में स्थान मिला।
मेट्रो दौड़ेगी, सड़कों पर नहीं दिखेगा जाम
चौदह साल के लंबे इंतजार और कई बैठकों के बाद चंडीगढ़ समेत पूरी ट्राइसिटी में लगभग 16,509 करोड़ रुपये की लागत से मेट्रो दौड़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। परियोजना के लिए डीपीआर के शुरुआती चरण का काम चल रहा है। रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) ने चंडीगढ़ प्रशासन को मेट्रो परियोजना की इंसेप्शन यानी स्थापना रिपोर्ट को हाल ही में मंजूरी प्रदान की है। शहर को जाम के झाम से बचाने के लिए ट्राइसिटी में दो चरण में मेट्रो और तीन चरण में अन्य सभी काम पूरे होने हैं। पहले चरण में मोहाली, चंडीगढ़ और पंचकूला में 77 किलोमीटर तक मेट्रो नेटवर्क बिछाने की योजना है, जिसे वर्ष 2027 से 2037 तक पूरा किया जाएगा। इसके तहत सारंगपुर से आईएसबीटी पंचकूला, रॉक गार्डन से इंडिस्ट्रयल एरिया व चंडीगढ़ एयरपोर्ट होते हुए जीरकपुर आईएसबीटी और अनाज मंडी चौक से ट्रांसपोर्ट नगर सेक्टर-26 तक मेट्रो लाइन बिछाई जाएगी। दूसरा चरण 2037 से शुरू होगा। इसमें आईएसबीटी पंचकूला से पंचकूला एक्सटेंशन, न्यू चंडीगढ़ से सारंगपुर, एयरपोर्ट चौक से माणकपुर कल्लर और आईएसबीटी जीरकपुर से आईएसबीटी पिंजौर तक मेट्रो परियोजना पहुंचेगी।
सैलानियों को लुभा रहे नए पर्यटन स्थल
सिटी ब्यूटीफुल से स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ते चंडीगढ़ ने अपनी खूबसूरती को और संवारा है। सुखना लेक और रॉक गार्डन के अलावा कुछ अन्य पर्यटक स्थल विकसित किए गए हैं, जो सैलानियों को अपनी तरह खींच रहे हैं। इनमें से बर्ड पार्क पर्यावरण प्रेमियों को एक सुखद अहसास करवा रहा है। यहां पक्षियों की अनेकों प्रजतियां स्थानीय पर्यटकों के वीकएंड को खुशनुमा बना रहीं हैं। वहीं, सेक्टर-18 की प्रेस बिल्डिंग को वायुसेना के विरासत केंद्र का रूप दिया गया है। मध्यमार्ग पर लगा सेना का लड़ाकू विमान यहां से गुजरने वाले पर्यटकों को खुद ब खुद आकर्षित कर लेता है। विरासत केंद्र के अंदर जाते ही भारतीय वायुसेना की शौर्यगाथा देख लोगों को सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। सेक्टर-17 की पुरानी रंगत भी लौटने लगी है। मल्टीलेवल पार्किंग से जहां सेक्टर-17 में वाहन पार्किंग की टेंशन खत्म हो गई है, वहीं इसका नया स्वरूप भी शहरवासियों को खूब भा रहा है। इसके अलावा रोज गार्डन आने वाले पर्यटक नवनिर्मित अंडरपास से होते हुए आसानी से सेक्टर-17 पहुंचते हैं। अंडरपास में शाम के समय लाइव म्यूजिक, पेंटिंग प्रदर्शनी, डांस कार्यक्रम होते हैं, जिसका नजारा देखने लायक होता है। वहीं, सेक्टर-17 स्थित अर्बन पार्क की शोभा अब तिरंगे के साथ और भी बढ़ गई है।
चंडीगढ़ को मिला नया सचिवालय भवन
इस वर्ष चंडीगढ़ प्रशासन को सेक्टर 9-डी में यूटी सचिवालय का नया भवन मिला। इसका क्षेत्रफल 2.63 एकड़ और कवर क्षेत्र 214816 वर्ग फीट है। इस भवन में भूतल और छह मंजिल हैं। नए भवन के शुरू होने से वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ इससे जुड़े कर्मचारी भी एक ही छत के नीचे काम करने लगे हैं। अक्तूबर 2022 के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसका उद्घाटन किया था। सचिवालय की नई इमारत करीब 78 करोड़ रुपये की लागत में बनकर तैयार हुई है। पूर्व प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने दिसंबर 2018 में निर्माण कार्य शुरू कराया था।
पूरा शहर सीसीटीवी कैमरे की जद में
सेक्टर- 17 में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के चालू होने के साथ ही शहर में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) का उपयोग शुरू कर दिया गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इसका उद्घाटन किया था। शहर में लगे 2189 सीसीटीवी कैमरों से यातायात नियम तोड़ने वाले वाहनों के ऑनलाइन चालान किए जा रहे हैं। उद्घाटन के पहले ही दिन 215 वाहनों के चालान किए गए थे। इनमें से 200 वाहनों के तेजरफ्तार और 15 वाहनों के लालबत्ती पर नियम तोड़ने के चालान हुए। सेंटर में 15 अधिकारियों के नेतृत्व में एक टीम 24 घंटे कैमरों से पूरे शहर की निगरानी कर रही है। सेंटर में बनी 60 फीट की वॉल स्क्रीन पर इन कैमरों से पूरे शहर पर आसानी से नजर रखी जा रही है।
धनास लेक में लगा उत्तर भारत का सबसे बड़ा सोलर पैनल
सुखना लेक के बाद धनास लेक को भी पर्यटकों के लिहाज से विकसित किया गया है। यहां वन विभाग की ओर से उत्तर भारत का सबसे बड़ा तैरता हुआ सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। लेक पर 500 किलोवाट का फ्लोटिंग सोलर पैनल लगाया गया है। सौर ऊर्जा का बेहतर उपयोग करने के उद्देश्य से वन विभाग जमीन और छतों के साथ-साथ पानी पर भी सोलर प्लांट लगाकर योजना का लाभ लेना चाहता है।
इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने में चंडीगढ़ सबसे आगे
ईवी अपनाने में चंडीगढ़ देशभर में नंबर-एक है। सितंबर 2023 में शहर में बिके कुल वाहनों में 15 फीसदी इलेक्ट्रिक थे, जबकि इसी महीने राष्ट्रीय औसत सिर्फ छह फीसदी थी। कई राज्यों में ईवी को अपनाने की दर दो फीसदी तो किसी राज्य में तीन फीसदी है। शहर के लोग सबसे ज्यादा तेजी से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीद रहे हैं। वहीं, अब तक जितने भी सवारी वाले तीन पहिया वाहन बिक रहे हैं, सभी इलेक्ट्रिक हैं। आंकड़ों के अनुसार, शहर में ईवी अपनाने की दर करीब 15 फीसदी से अधिक है। डैशबोर्ड ने शहर में हर महीने इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में वर्ष 2030 तक नौ गुना वृद्धि का अनुमान लगाया है। हालांकि, यह बढ़ भी सकता है, क्योंकि जैसे-जैसे बैटरियों के दाम कम होंगे। ईवी सस्ते होंगे और लोग ज्यादा संख्या में ईवी की तरफ रुख करेंगे। अनुमान है कि शहर में 2030 तक हर माह बिकने वाले ईवी की संख्या 5224 तक पहुंच सकती है। हालांकि ईवी नीति का शहर में विरोध भी हो रहा है क्योंकि पेट्रोल-डीजल वाहनों का कोटा तय करने से वाहन डीलरों और लोगों को काफी मुसीबत झेलनी पड़ रही है। दो बार राहत के बावजूद अब अगले पांच माह के लिए दोपहिया पेट्रोल वाहनों का कोटा खत्म हो गया है। इससे लोग परेशान हैं। ऐसे में इस दिवाली दोपहिया पेट्रोल वाहन नहीं पंजीकृत होंगे।
स्कूली शिक्षा में चंडीगढ़ देशभर में अव्वल
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने परफॉर्मिंग ग्रेडिंग इंडेक्स-2.0 (पीजीआई-2.0) 2021-22 की रिपोर्ट 07 जुलाई 2023 को जारी की थी। इसमें चंडीगढ़ और पंजाब ने देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करवाने में चंडीगढ़ और पंजाब सबसे आगे हैं। छह मापकों और 73 सूचकों के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट में 1000 में से चंडीगढ़ ने 659 और पंजाब ने 647.4 अंक प्राप्त किए थे। एक्सेस मापक में अर्थात शिक्षा उपलब्ध कराने में 68.6 अंक प्राप्त कर चंडीगढ़ दूसरे ग्रेड और 62.1 अंक लेकर पंजाब तीसरे ग्रेड पर रहा है।
कोट्स
चंडीगढ़ उत्तर भारत का दिल
पंजाब और हरियाणा की राजधानी एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ उत्तर भारत का दिल है। यह विविध सांस्कृतिक रंगों का शहर है, जहां देशभर के लोग अपने सपने लेकर आते हैं और उन्हें साकार करते हैं। शहर ने कई उतार चढ़ाव देखे और प्रगति के पथ पर अग्रसर है। मैं चंडीगढ़ के स्थापना दिवस पर शहरवासियों को दिल से बधाई देता हूं।
- बनवारीलाल पुरोहित, राज्यपाल के पंजाब एवं चंडीगढ़ प्रशासक