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Chandigarh News: बच्चों के आइडिया में छिपा बड़े बदलाव का दम

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कुत्तों की ट्रेनिंग से मरीजों की देखभाल और कार में सुरक्षित सफर तक, चंडीगढ़ के स्कूली विद्यार्थियों ने खोजे रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान
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राष्ट्रीय इंस्पायर प्रदर्शनी में शहर के 11 प्रोजेक्ट शामिल, सरकारी स्कूलों के तीन प्रोजेक्ट बने आकर्षण नई सोच से आसान होगी जिंदगी


मोनिका नागर



चंडीगढ़। कोई घर में अकेले रहने वाले कुत्तों को व्यस्त रखने की मशीन बना रहा है, तो कोई बिस्तर पर रहने वाले मरीजों की देखभाल आसान करने में जुटा है। किसी ने कार में सीट बेल्ट से होने वाली परेशानी दूर करने का तरीका खोजा है। ये आइडिया किसी बड़ी कंपनी के इंजीनियरों के नहीं, बल्कि चंडीगढ़ के स्कूली विद्यार्थियों के हैं। इनकी नई सोच को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 12 से 14 अक्तूबर तक आयोजित राष्ट्रीय स्तर की इंस्पायर प्रदर्शनी में जगह मिली है। चंडीगढ़ के कुल 11 प्रोजेक्ट प्रदर्शनी में शामिल किए गए हैं, जिनमें सरकारी स्कूलों के तीन प्रोजेक्ट खास हैं।
पेट ट्रेनर: मालिक की आवाज पर सीखेंगे कुत्ते
अकेलेपन से राहत, ट्रेनिंग के साथ मिलेगा खाने का इनाम
डड्डूमाजरा के सरकारी मॉडल हाई स्कूल के विद्यार्थी अर्जुन ने ‘पेट ट्रेनर’ तैयार किया है। यह ऑटोमेटिक सिस्टम घर में अकेले रहने वाले पालतू कुत्तों को व्यस्त रखने और ट्रेनिंग देने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसमें मालिक की आवाज में निर्देश दिए जाएंगे, जिनकी मदद से कुत्ता नए तरीके सीख सकेगा और एक्सरसाइज भी कर सकेगा। ट्रेनिंग पूरी होने पर सिस्टम खाने का इनाम भी देगा। यह आइडिया उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो काम के कारण अपने पालतू जानवरों को लंबे समय तक अकेला छोड़ देते हैं।
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बेड सोर: मरीज की नमी और डायपर का मिलेगा अलर्ट
बिस्तर पर रहने वाले मरीजों की देखभाल आसान बनाने की पहल
इसी स्कूल के विद्यार्थी जतिन ने ‘बेड सोर’ प्रोजेक्ट बनाया है। इसका उद्देश्य लंबे समय तक बिस्तर पर रहने वाले मरीजों के शरीर पर घाव होने के जोखिम को कम करने में मदद करना है। बेड में हवा के प्रवाह की सुविधा है। मरीज की पीठ के नीचे नमी होने की जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी। इसमें सैनिटाइजर के प्रवाह की व्यवस्था भी है। डायपर भरने पर भी स्क्रीन पर सूचना मिल सकेगी। प्रोजेक्ट को शिक्षक भारत भूषण और ज्योति भारती ने मार्गदर्शन दिया। स्कूल की हेडमिस्ट्रेस अरविंदर कौर की देखरेख में इसे तैयार किया गया।
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एडजस्टेबल सीट बेल्ट: कद के हिसाब से होगा बदलाव
गर्दन और कंधे पर दबाव कम करने का आइडिया
सेक्टर-48 के सरकारी मॉडल हाई स्कूल के छात्र निखिल ने ‘एडजस्टेबल सीट बेल्ट एंकर’ का विचार पेश किया है। कार में सफर के दौरान सीट बेल्ट गर्दन पर दबाव डालने या कंधे पर सही तरह न बैठने की समस्या से प्रेरित होकर उसने यह आइडिया तैयार किया। इसमें सीट बेल्ट के एंकर को जरूरत के अनुसार ऊपर-नीचे करने और बोल्ट-नट से लॉक करने की कल्पना है। इसका उद्देश्य अलग-अलग कद के लोगों के लिए सीट बेल्ट की स्थिति बेहतर बनाना है। हालांकि, सड़क पर इस्तेमाल से पहले इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता की जांच जरूरी होगी।
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