चंडीगढ़। जीएमएसएच-16 में निर्माणाधीन बच्चों के अस्पताल का जनवरी के पहले हफ्ते में उद्घाटन होगा। अस्पताल प्रशासन ने इसे लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। वहीं उम्मीद की जा रही है कि उद्घाटन के साथ ही बीमार बच्चों को इसकी सुविधा मिलने लगेगी, क्योंकि इस अस्पताल के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दो साल पहले ही आवश्यक उपकरणों की खरीद कर ली है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मानव संसाधन के रूप में फिलहाल कार्यरत डॉक्टरों और कर्मचारियों से ही काम चलाएगा।
बता दें कि जीएमएसएच-16 में कोरोना की दूसरी लहर के बाद स्वास्थ्य विभाग को इमरजेंसी कोविड रिस्पॉन्स पैकेज-2 के तहत 5.6 करोड़ मिले थे। इससे बच्चों के लिए 32 बेड का कोविड डेडिकेटेड अस्पताल बनाया जाना था। पहली बार 15 नवंबर 2021 तक इसका निर्माण पूरा होना था लेकिन यह तिथि कार्ययोजना बनाने में ही निकल गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस अस्पताल के लिए स्वास्थ्य विभाग को न तो अलग से बिल्डिंग बनानी थी न ही मानव संसाधन की व्यवस्था करनी थी, उसे बनाने में तीन साल लग गए। स्वास्थ्य विभाग की धीमी रफ्तार के कारण इस अस्पताल के निर्माण की अवधि बढ़ाकर जनवरी 2022 की गई थी लेकिन उस समय भी इस अस्पताल का शुभारंभ नहीं हो सका। किसी न किसी रुकावट के कारण एक के बाद एक तिथि टलती रही। अब जब देश में कोरोना संक्रमण का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है तब विभाग आनन-फानन में इस अस्पताल को शुरू करने जा रहा है।