मैं इस बार पटाखा रहित दिवाली मनाऊंगा। अपने सभी दोस्तों और आस पास के लोगों को भी इनसे दूर रहने की अपील करूंगा। अभी कोराना का खतरा टला नहीं है। लगातार केस सामने आ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी खुद सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे में हमें भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। दिवाली पर जलाए जाने वाले पटाखों से प्रदूषण में और इजाफा होगा। - शुभम, 10वीं कक्षा का छात्र
दिवाली पर पौधे बांटकर देंगे संदेश
दीये जलाकर और पड़ोस में पौधे बांटकर इस बार दिवाली मनाएंगे। हम पिछले कई सालों से स्कूल में पढ़ रहे हैं कि सबसे ज्यादा ध्वनि, वायु प्रदूषण दिवाली पर होता है। इस बार मैंने यह संकल्प लिया है कि अमर उजाला के अभियान का हिस्सा बनूंगा और पटाखे रहित दिवाली मनाऊंगी। दिवाली पर खर्च होने वाले पैसों से हम कई जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं। - केशी साहनी, 10वीं कक्षा की छात्रा
पटाखे नहीं जलाऊंगा, मिठाई बांटूंगा
मैंने संकल्प लिया है कि इस बार घर में पटाखे लाने के लिए माता-पिता को नहीं कहेंगे। हमारी जिद के कारण ही वे पटाखे लाते हैं। पटाखों के पैसों से हम मिठाई खरीदेंगे और लोगों में खुशियां बांटेंगे। प्रदूषण देश की सबसे बड़ी समस्या है। इससे निपटने के लिए इस तरह का संकल्प सभी को लेना चाहिए। मैं अपने दोस्तों को भी इस अभियान के बारे में जागरूक कर रहा हूं। वे भी मेरा साथ देंगे। - आर्यन, 7वीं कक्षा का छात्र
किताबों में पढ़ाया गया है कि भगवान श्री राम वनवास पूरा करके अयोध्या को दीयों से सजाया गया था। तभी से लोग रोशनी करके दिवाली मना रहे हैं। अब लोगों ने आतिशबाजी की हद कर दी। इससे प्रदूषण बढ़ता है और लोगों के पैसे बर्बाद होते हैं। हजारों रुपये के पटाखे लोग कुछ घंटे में ही जला देते हैं। इस बार हम ऐसा नहीं करेंगे। दीयों की रंगोली बनाऊंगी। सादगी से दिवाली मनाऊंगी। लतिका - 8वीं कक्षा की छात्रा
फूल और लड़ी से सजाऊंगा घर
इस बार घर की सफाई कराने में मम्मी की मदद करूंगा। पूरे घर को फूलों, लड़ियों और दीयों से सजाऊंगा। अमर उजाला के अभियान से जुड़कर अच्छा महसूस हो रहा है। आत्मिक संतुष्टि मिल रही है। अब समझ आ रहा है कि पटाखे प्रदूषण फैलाने में कितनी भूमिका निभाते हैं। सांस के मरीजों का इन दिनों में रहना मुश्किल होता है। हमें उनकी फिक्र करनी चाहिए। - सुमित, 7वीं कक्षा के छात्र
आप भी पटाखे न चलाएं
आप भी अबकी बार दिवाली पर पटाखों से दूर रहें। इससे कई दुर्घटनाएं हो जाती हैं। आतिशबाजी के दौरान कई ऐसे रॉकेट या हवा में उड़ने वाले पटाखों से खतरनाक दुर्घटनाएं हो जाती हैं। इसी वजह से लोगों की जान तक चली जाती है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए पटाखों से दूर ही रहें तो अच्छा होगा। मैंने तो पटाखों से दूरी बना ली है आप भी पटाखों से दूरी बनाएं। - रोशनी नेगी, छात्र, पंचकूला
अबकी बार आप दीवाली पर पटाखे न जलाकर दीये ही जलाएं। दिवाली वास्तव में दीयों का ही त्योहार है। दीये नई रोशनी के साथ नई ऊर्जा का संचार करते हैं। मैं तो पिछले कई वर्ष से पटाखे नहीं चलाता हूं और अबकी बार भी मैं पटाखों से दूर रहूंगा। मेरा आपसे भी अनुरोध है कि आप भी ऐसा ही करें। मैं अपने साथियों को अबकी बार दिवाली पर दीये जलाने को ही कहूंगा। - केशव गोयल, छात्र
दूसरों के घर में जलाएं
पटाखों पर हजारों रुपये खर्च करने वालों से मेरा अनुरोध है कि आप ऐसा न करें। दिवाली खुशियां मनाने के साथ खुशियां बांटने का त्योहार होता है। ऐसी स्थिति में आपको भी पैसा बर्बाद नहीं करना चाहिए। आप चाहें तो गरीबों को दीये और मिठाइयां बांटकर अपने त्योहार को ज्यादा खुशियों से भरा कर सकते हैं। आप पटाखे लाते हैं और उसको कुछ समय में जला डालते हैं, यह क्षणिक खुशी होती है, जबकि दूसरों को खुशी देकर आप हमेशा खुश रहेंगे। - यश पपनेजा, छात्र, पंचकूला
दीपावली समाज में प्रकाश और सकारात्मक एनर्जी फैलाने का त्योहार है। दीपावली पर पटाखे न जलाकर आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ वातावरण देने के लिए हमें आज से ही पहल करनी होगी। इसलिए इस दीपावली पर अपने घर को दीये की रोशनी से जगमग करें। -पुलकित सचदेवा, इंजीनियर, पिंजौर