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नए मुख्य संसदीय सचिव ने कराई बादल सरकार की फजीहत

Sat, 30 Apr 2016 12:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब के विधायक परगट सिंह - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आज छह नए मुख्य संसदीय सचिव को शपथ दिलाई, लेकिन एक सीपीएस ने सरकार की फजीहत करा दी। जालंधर के विधायक परगट सिंह शपथ लेने नहीं पहुंचे। उन्हें मनाने में पार्टी नाकाम रही। परगट सिंह पिछले कुछ समय से अपने हलके के मुद्दों को लेकर सरकार से नाराज चल रहे थे। इसी नाराजगी को दूर करने के लिए उन्हें मुख्य संसदीय सचिव बनाने का फैसला किया गया था, लेकिन परगट सिंह उसके बाद भी नहीं माने।
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एक दिन पहले उन्होंने सीएम दफ्तर में एक पत्र दिया था, जिसमें परगट सिंह ने स्पष्ट किया था कि उन्हें सीपीएस पद या लाल बत्ती का कोई लालच नहीं है। वह हलके में ही रह कर लोगों केलिए काम करने के इच्छुक हैं। पंजाब भवन में समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें छह विधायकों को मुख्य संसदीय सचिव के तौर पर पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।

सीएम बादल ने शिअद के गुरतेज सिंह घुड़ियाना, मनजीत सिंह मियांविंड, दर्शन सिंह शिवालिक और गुर प्रताप सिंह वडाला और भाजपा की सुखजीत कौर शाही और सीमा कुमारी को शपथ दिलाई। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव सर्वेश कौशल ने किया। समागम में केंद्रीय राज्यमंत्री और प्रदेश भाजपा प्रधान विजय सांपला, डिप्टी स्पीकर दिनेश बब्बू, कैबिनेट मंत्री भगत चुन्नी लाल, तोता सिंह, डॉ. दलजीत चीमा, जनमेजात सिंह सेखों, अजीत सिंह कोहाड़, शरनजीत सिंह ढिल्लों व गुलजार सिंह रणिके भी मौजूद थे।
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बादल बोले, परिवार के सदस्य की तरह हैं परगट सिंह

प्रकाश सिंह बादल, पंजाब सीएम - फोटो : amar ujala
शिअद विधायक परगट सिंह के मुख्य संसदीय सचिव के रूप में शपथ लेने के लिए न पहुंचने पर सीएम प्रकाश सिंह बादल ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि परगट सिंह परिवार के सदस्य की तरह हैं। उनकी नाराजगी का सवाल ही नहीं उठता।

शपथ ग्रहण समागम के बाद पत्रकारों से बातचीत में बादल ने कहा कि हर सियासी पार्टी एक परिवार की तरह होती है और विधायक उसका सदस्य होता है। परगट सिंह के हलके में डंप बनाने का प्रस्ताव था, जिसे छोड़ दिया गया था। इसलिए उनकी पार्टी से नाराजगी का सवाल नहीं उठता। फिर भी उनके मन में कोई बात है तो बातचीत के जरिए हल कर ली जाएगी।

परगट सिंह के आम आदमी पार्टी में जाने के सवाल पर बादल ने कहा कि इस बारे में परगट ही बता सकते हैं। छह नए सीपीएस की नियुक्ति को सही ठहराते हुए बादल ने कहा कि विधायकों को सरकार में कामकाज की सूझ-बूझ पैदा करने के मकसद से यह किया गया है। विधायकों को सीपीएस के रूप में प्रमोट करना संसदीय लोकतंत्र की प्रक्रिया है। क्योंकि बाद में उन्होंने मंत्री बनना है।

किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से खेती माहिरों और अर्थशास्त्रियों की सेवाएं मुहैया कराने की अपील की गई है। ताकि खेती में लाभ की दर घटने का रुझान रोका जा सके। राज्य सरकार किसानों को मुफ्त बिजली और अन्य सुविधाएं दे रही है। इस समय किसानी गंभीर संकट में है। केंद्र सरकार को किसानों की रक्षा करनी चाहिए। इस संबंध में ढील किसानों की मुश्किल और बढ़ाएगी।
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