-पक्षपात और जातिगत भेदभाव का आरोप, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
- भारतीय चुनाव आयोग को लिखा शिकायत पत्र, कार्यवाही की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद और डीजीपी शत्रुजीत कपूर के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के निशाने पर अब प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल आ गए हैं। आईपीएस अधिकारी ने उनके खिलाफ भारतीय चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। साथ ही आरोप लगाया है कि वह जातिगत मामलों को देखते हुए अफसरों पर कार्रवाई कर रहे हैं। केवल अनुसूचित जाति के अफसरों को बदला जा रहा है, लेकिन स्वर्ण जाति के अफसरों को नहीं बदला जा रहा है। मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद और डीजीपी शत्रुजीत को लेकर आईपीएस अधिकारी ने चुनाव को शिकायत दी थी। इसके बाद पांच दिन पहले ही आयोग ने इस संबंध में कार्यवाही को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर निर्देश दिए थे। अब इस मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किए जाने के चलते आईपीएस अधिकारी ने दोबारा से चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है। आईपीएस अधिकारी ने अनुराग अग्रवाल पर भी जाति को लेकर पक्षपात करने के आरोप लगा हैं। गौर हो कि आईपीएस ने शिकायत दी थी कि मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद के कई प्रभार हैं, वह गृह सचिव भी हैं और वित्तायुक्त भी हैं। इसी प्रकार, दो सीनियर आईपीएस अधिकारियों के पास भी अतिरिक्त चार्ज को लेकर आपत्ति है। इनमें अंबाला के आईजी शिवाज कविराज के पास पंचकूला पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त चार्ज है। इसके अलावा कमिश्नर सोनीपत की जिम्मेदारी देख रहे आईपीएस सतीश बालन के पास झज्जर पुलिस कमिश्नर और आईजीपी भोंडसी (गुरुग्राम) का पिछले चार साल से अतिरिक्त चार्ज है। आईपीएस का तर्क है कि अनुसूचित जाति से संबंधित पंचकूला के डीसी सुशील सारवान और डीसीपी राजेश दुग्गल को आयोग द्वारा बदला गया है, लेकिन अन्य अफसरों पर कार्यवाही नहीं हो रही हैं। उधर, इस बारे में मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल का कहना है कि इस मामले में हरियाणा सरकार से रिपोर्ट मांगी हुई है। बड़े स्तर के अधिकारियों के तबादले आयोग करता है, जो हमारे स्तर के तबादले और कार्यवाही होती हैं, वह हम कर रहे हैं। जहां तक जातिगत और पक्षपात की बात है तो यह सरासर गलत आरोप हैं।