सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट में उन खरीदारों को सीएचबी ने राहत देने का फैसला किया है, जिन्होंने अलॉटी को फ्लैट का कब्जा मिलने से पहले ही जीपीए के माध्यम से खरीद लिया है। सीएचबी चेयरमैन मनिंदर सिंह ने मंगलवार को यह निर्देश जारी किया है कि अगर अलॉटी ने अब तक फ्लैट का कब्जा नहीं लिया है तो अब जीपीए होल्डर (खरीदार) को कब्जा दे दिया जाएगा।
फ्लैट पर कब्जा करने के बाद खरीदार के नाम पर मकान ट्रांसफर कर दिया जाएगा। हाउसिंग बोर्ड ने पिछले माह इन फ्लैट्स से पांच साल की लॉकिंग पीरियड की शर्त हटाई थी। अब पांच साल से पहले अलॉटी को मकान बेचने और ट्रांसफर करने की छूट है।
मालूम हो कि सेक्टर-63 में प्रोजेक्ट के तहत 2108 फ्लैट का निर्माण किया गया है। इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। प्रोजेक्ट में अलॉटी फ्लैट का कब्जा ले रहे हैं, लेकिन कई लोगों ने अलॉटमेंट से पहले ही फ्लैट बेच दिए हैं। सीएचबी ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि कई अलॉटी फ्लैट खरीदने वाले से सौदे के अनुसार पूरी राशि ले चुके हैं, लेकिन जब कब्जा लेने की बारी आई तो वह जीपीए होल्डर के दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं।
अलॉटी की ओर से जीपीए होल्डर्स से और पैसे की मांग की जा रही है, ऐसी शिकायतें सीएचबी चेयरमैन के पास पहुंच रही थी। बोर्ड की ओर से यह शर्त थी कि सिर्फ अलॉटी को ही फ्लैट का कब्जा दिया जाएगा। लेकिन नए निर्देश से उन लोगों को राहत मिलेगी जो अलॉटियों से फ्लैट का कब्जा लेने की मिन्नतें लंबे समय से कर रहे थे।