चार दशक से ज्यादा का समय कांग्रेस में बिताने के बाद भाजपा में शामिल हुए वरिष्ठ नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह ने माना कि मुख्यमंत्री बनना उनकी महत्वाकांक्षा है।
हालांकि उनका कहना है कि भाजपा में शामिल होने से पहले उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के सामने इस मामले में कोई शर्त नहीं रखी थी।
उन्होंने कहा कि भाजपा विधानसभा चुनाव में शायद ही किसी नेता को मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के तौर पर पेश करेगी। यह मामला चुनाव नतीजे आने के बाद तय होगा।
चुनाव में कांग्रेस के दावे और भाजपा की रणनीति पर बीरेंद्र सिंह ने विजय गुप्ता से विस्तृत बातचीत की। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश-
सोनिया की चौकड़ी में शामिल हैं दिग्गज
आप सोनिया गांधी के करीबी माने जाते रहे हैं। अब आप उन पर चौकड़ी से घिरे रहने का आरोप क्यों लगा रहे हैं। इस चौकड़ी में कौन-कौन नेता हैं।
-कांग्रेस अध्यक्ष तो इस चौकड़ी से बाहर आना चाहती थी। लेकिन चौकड़ी में शामिल नेता बहुत शातिर हैं। उनका कोई जनाधार नहीं है। वे अपने स्वार्थ को देखकर फैसले कराते हैं। पिछले छह-सात वर्षों से यही हो रहा था। इन नेताओं की हरकतों के चलते कांग्रेस आज लोकसभा में विपक्ष का नेता पद पाने केलायक भी नहीं बची है।
चौकड़ी में शामिल नेताओं के नाम मुझसे मत बुलवाइये। उन्हें सभी जानते हैं। चौकड़ी इंदिरा गांधी के समय में भी थी। लेकिन वे इस चौकड़ी से अपने फैसलों पर अमल कराती थी, जबकि राजीव गांधी अपने फैसले खुद लेते थे। सोनिया गांधी 15 साल से अध्यक्ष हैं। लेकिन छह-सात साल से यह चौकड़ी उन पर हावी हो गयी है।
चर्चा है कि भाजपा में शामिल होने के लिए आपने मुख्यमंत्री पद की शर्त रखी थी?
- हां यह सच है कि मुख्यमंत्री बनना मेरी महत्वाकांक्षा में शामिल है। लेकिन यह कहना गलत है कि मैंने भाजपा नेतृत्व के सामने ऐसी कोई शर्त रखी थी। मैं बिना शर्त भाजपा में शामिल हुआ। दरअसल, बीते पांच साल के दौरान हरियाणा में कांग्रेस मुख्यमंत्री भूपेंद्र् सिंह हुड्डा की जेबी पार्टी बन गई है। उन्होंने ऐसे हालात पैदा कर दिए कि मुझे कांग्रेस को अलविदा कहना पड़ा।
हैट्रिक लगाने का दावा कर रहे हुड्डा
हुड्डा तो हैट्रिक लगाने का दावा कर रहे हैं?
- हरियाणा में कांग्रेस के आने वाले दिन अच्छे नहीं है। इस बार भाजपा की सरकार बनेगी। कांग्रेस इस बार दस सीटें भी नहीं जीत पाएगी। हुड्डा ने सिर्फ एक क्षेत्र विशेष का विकास किया। बीते दिनों जो आईआईटी, आईआईएम व एम्स जैसे स्तर के आठ संस्थान और विश्वविद्यालय एक ही क्षेत्र मे खुले हैं। उन्होंने सिर्फ हरियाणा को जमीन बेचने की दुकान बना दी है।
सत्ता में आने पर हरियाणा के लिए आपका क्या विजन है
- यहां भी मोदी की सोच दिखेगी। तीन माह में केंद्र सरकार में जिस तरह से बदलाव आया है। वही हरियाणा में भी दिखेगा। वहां बाबू और अफसर समय पर दफ्तर आने लगे हैं। हरियाणा में हम सतत विकास करेंगे। बुनियादी ढांचे को बढ़ाएंगे। गांवों में शहरों जैसी सुविधाएं देंगे। युवाओं को रोजगार हमारी प्राथमिकता होगी।
हरियाणा में भाजपा की ही सरकार बनेगी
प्रश्न- आप किस आधार पर कह रहे हैं कि हरियाणा में भाजपा की सरकार बनेगी
उत्तर- लोकसभा चुनाव के नतीजे आपके सामने हैं। प्रदेश की दस में से सात सीटें भाजपा ने जीती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू अब भी कायम हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि हरियाणा में कांग्रेस हासिए पर जा रही है, उसका लाभ भाजपा को मिलेगा।
मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि हरियाणा में अब कांग्रेस को भाजपा स्थाई तौर पर रिपलेस कर देगी। देश केजिस राज्य में तीसरा दल आया है। वहां कांग्रेस हासिए पर चली गयी। 1967 में तमिलनाडु में यह प्रक्रिया शुरू हुई थी और ताजा उदाहरण पश्चिम बंगाल है जहां ममता बनर्जी के उदय केसाथ हासिए पर चली गई है।