चंडीगढ़। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब पीजीआई के फैकल्टी और रेजिडेंट को अनुसंधान, शिक्षण व उपचार में उत्कृष्टता देने में मदद करेगा। इससे इलाज आसान होने के साथ समय भी बचेगा। यह बात पीजीआई के एडवांस आई सेंटर में शनिवार को चैटजीपीटी पर आयोजित सम्मेलन में विशेषज्ञों ने कही। एडवांस आई सेंटर के प्रमुख डॉ. एसएस पांडे ने बताया कि एआई से संचालित यह उपकरण चिकित्सा के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए कैसे मददगार हो सकता है। पीजीआई में बायोस्टैटिस्टिक्स विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. कमल किशोर सम्मेलन के मुख्य वक्ता थे। उन्होंने विस्तृत चर्चा कर चैटजीपीटी का उपयोग करने का तरीका बताया। उन्होंने स्वयं इसे आजमाने का मौका भी दिया। उन्होंने बताया कि कैसे इस एआई टूल का उपयोग अनुसंधान, प्रस्तुति और उपचार में मदद के लिए किया जा सकता है। इस दौरान विषय विशेषज्ञ के रूप में नेत्र रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. विशाली गुप्ता ने चैटजीपीटी के नतीजों का आकलन किया। इस विश्लेषण से पता चला कि शोध से संबंधित 80 प्रतिशत उत्तर सटीक थे।