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चैरिटेबल मेडिकल सेंटर: चार मरीजों से हुई शुरुआत, अब रोजाना एक हजार लोग उठा रहे लाभ

Mon, 17 Feb 2020 04:24 PM IST
खुशबू गोयल नीरज कुमार, चंडीगढ़
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आंखों का चेकअप करता डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
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कभी मात्र 10 हजार रुपये से शुरू किया गया भारत विकास परिषद का चैरिटेबल मेडिकल सेंटर आज रोजाना करीब एक हजार लोगों को बेहद रियायती दरों पर मेडिकल सुविधाएं प्रदान कर रहा है। इस सेंटर में करोड़ों रुपये की लागत से अत्याधुनिक मेडिकल उपकरण लगाए गए हैं। पहले जहां इस केंद्र में ज्यादातर जांच मैन्युअल होती थी, वहीं अब सभी तरह की जांच मशीनों के जरिए की जाती है।
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इस सेंटर की स्थापना 1991 में की गई थी और पहली बार यहां सिर्फ चार मरीजों के सैंपल की जांच हुई थी, लेकिन आज रोजाना यहां करीब एक हजार लोग जांच के लिए पहुंचते हैं। अब तक इस चैरिटेबल मेडिकल सेंटर से करीब 14 लाख लोग लाभ ले चुके हैं। यहां बीते वर्ष 2019 में एक लाख 70 हजार मरीजों का हेल्थ चेकअप और सैंपल की जांच हुई थी। जबकि इस वर्ष 13 फरवरी तक एक लाख 60 हजार मरीजों की जांच और सैंपल की जांच हो चुकी है।

चूंकि पीजीआई में मरीजों की काफी भीड़ होती और विभिन्न प्रकार की जांच के लिए मरीजों को लंबी लाइन में खड़े होकर काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस बात को ध्यान में रखकर भाविप ने एक जांच केंद्र खोलने का फैसला किया। बात 1991 की है। जब जांच केंद्र शुरू किया तो पहला दिन चार मरीजों के सैंपल की जांच हुई। इस चैरिटेबल मेडिकल सेंटर में हुई जांच की पीजीआई, सेक्टर 16 और 32 के जीएमसीएच में मान्य है। यह सेंटर सुबह आठ बजे से लेकर शाम पांच बजे तक चलता है।
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यहां ओपीडी की भी है सुविधा

इस सेंटर में ओपीडी की भी सुविधा है जहां हर रोज हार्ट, गाइनी, डेंटल, ईएनटी और शिशु रोग विशेषज्ञ मरीजों को देखते हैं। इस सेंटर में फिजियोथेरेपी भी होती है। यहां पर टीएमटी और ईको भी की जाती है। चैरिटेबल मेडिकल सेंटर में 100 लोगों का स्टाफ काम करता है। इसमें 50 पेड स्टाफ हैं जबकि 50 समाज सेवक मुफ्त में सामाजिक सेवा करते हैं। यहां पर हर प्रकार के टेस्ट होते हैं। इस सेंटर में आई ट्रांसप्लांट की भी सुविधा उपलब्ध है। यहां पर आंखों का हर प्रकार का इलाज होता है। आंखों की जांच की सुविधा यहां वर्ष 2005 में शुरू हुई थी।

पीजीआई के मरीजों की सेवा के लिए शुरू हुआ था सेंटर
पीजीआई के मरीज जांच के लिए इधर-उधर भटकते थे। उन्हें काफी परेशानी होती थी। इसी को देखते हुए मरीजों की सेवा के लिए यह सेंटर शुरू किया गया। मात्र दस हजार रुपये से शुरू इस सेंटर में आज अति आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं। एमआरआई के अलावा लेटेस्ट एक्सरे मशीन भी है। हर प्रकर के जांच और फिजियोथेरेपी की जाती है। सभी जांचें सस्ते दर पर की जाती हैं। इससे लोगों को काफी लाभ है।
- अजय दत्ता, डायरेक्टर भाविप चैरिटेबल मेडिकल सेंटर व राष्ट्रीय महामंत्री, भाविप 
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नवीनतम मशीन से महज 80 रुपये में एक्सरे

इस सेंटर में 50 लाख रुपये की लागत से विश्व के नवीनतम तकनीक जिसमें डयूल डिटेक्टर टेक्नोलॉजी से युक्त मशीन लगाई गई है। मार्केट में इस मशीन से जांच 400 रुपये में होती है लेकिन इस संस्था की ओर से 80 रुपये में एक्सरे की जाती है। डेंटल का काम वर्ष 2006 में शुरू हुआ।
-डॉ अशोक गुप्ता, एमएस आर्थो

महज 1900 रुपये में यहां होती है एमआरआई
सबसे पहले 2004 में अल्टा साउंड की मशीन लगाई गईं थीं। अभी छह कलर डॉप्टर अल्ट्रासाउंड मशीन काम कर रही हैं। लोगों के सहयोग से छह करोड़ रुपये की एमआरआई मशीन और सिटी स्कैन की मशीन लगाई गईं हैं। संस्था मात्र 1900 रुपये में एमआरआई करवाती है। इससे लोगों को काफी लाभ होता है।
- डॉ पीडी जैन, रेडियोलॉजिस्ट

पीजीआई, जीएमसीएच 32 और जीएमएसएच 16 में मान्य है जांच
चैरिटेबल मेडिकल सेंटर सेक्टर 24 की जांच को पीजीआई, सेक्टर 16 के जीएमएसएच और सेक्टर 32 के जीएमसीएच में भी मान्य है। मरीजों की सुविधा के लिए स्ट्रेचर, व्हील चेयर भी उपलब्ध है। दिव्यांग मरीजों के लिए भी हर प्रकार की सुविध इस सेंटर में है।
- सतीश भास्कर, कार्यकारिणी सदस्य भारत विकास परिषद नॉर्थ 5
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