चंडीगढ़। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने ग्राहक से अधिक रकम वसूलने पर सेक्टर 26 स्थित ‘गजब- 26’ रॉयल ढाबा पर 3000 रुपये का हर्जाना लगाया है। साथ ही आयोग ने ग्राहक से वसूली गई 4185 रुपये की अतिरिक्त रकम को 9 प्रतिशत प्रतिवर्ष की ब्याज दर से लौटाने और मानसिक पीड़ा के लिए 3000 और केस में खर्च के तौर पर 3000 रुपये अलग से अदा करने के आदेश दिए।सेक्टर-22 डी के रहने वाले प्रशांत सेठी ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में सेक्टर 26 स्थित गजब- 26 रॉयल ढाबा के खिलाफ याचिका दायर की थी। शिकायत के मुताबिक याचिका करता 19 जनवरी 2022 को दोस्त के साथ उक्त ढाबे पर खाना खाने के लिए गया था। जहां उसने मेन्यू में से 465 रुपये मूल्य की खाद्य सामग्री ऑर्डर की। इसके बाद ऑर्डर किए गए खाने-पीने के सामान के 465 के बिल का भुगतान करने के लिए ढाबे के स्टाफ को डेबिट कार्ड दे दिया था। लेकिन आरोपी द्वारा शिकायतकर्ता के खाते से 465 रुपए काटने की बजाय 4650 रुपये की रकम काट ली गई। शिकायतकर्ता ने तुरंत आपत्ति जताते हुए काटी गई अतिरिक्त राशि की वापसी को लेकर मांग की। आरोपी के तहत अतिरिक्त राशि को वापस करने के आग्रह के बाद भी आरोपी की ओर से पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया गया। पीड़ित ग्राहक ने अपनी अतिरिक्त रकम वापस करने को लेकर कई बार आरोपी से संपर्क किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके चलते उपभोक्ता को आरोपी के इस आचरण के चलते सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का सामना करना पड़ा। इसके चलते पीड़ित ने आरोपी के खिलाफ जिला उपभोक्ता विभाग निवारण आयोग में याचिका दायर कर दी। लेकिन दायर की गई याचिका को लेकर आरोपी पक्ष की ओर से सुनवाई के दौरान आयोग में किसी भी प्रकार का कोई पक्ष नहीं रखा गया। आयोग ने फैसला सुनाते हुए वसूली गई 4 हजार 185 रुपए की अतिरिक्त रकम को 9 प्रतिशत की ब्याज दर से वापस लौटने के आदेश दिए हैं। साथ ही आयोग ने उपभोक्ता को ही मानसिक पीड़ा के लिए 3 हजार और केस में खर्च के तौर पर 3 हजार रुपये अलग से अदा करने के आदेश दिए हैं।