अब डोर-टू-डोर गारबेज इकट्ठा करने के लिए नए रेट लागू होंगे। साथ सूखा और गीला कचरा अलग-अलग इकट्ठा न करने पर जुर्माना लगाने पर भी निगम सदन ने फैसला ले लिया है। मेयर देवेश मोदगिल ने कहा कि चंडीगढ़ को स्वच्छता में नंबर वन बनाने के लिए बायलॉज में संशोधन करने के लिए अलावा कई काम करने हैं, जिसमें पार्षदों को खुद अपने वार्ड की स्टार रेटिंग भी करनी है। ऐसे में इस विस्तृत प्रस्ताव के लिए जल्द ही एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी। पार्षदों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
सदन में आए प्रस्ताव के अनुसार अगर गारबेज कलेक्टर रेजिडेंश्यल एरिया में गारबेज इकट्ठा करने में असफल रहता है तो उस पर दो हजार का जुर्माना लगाया जाएगा जबकि कामर्शियल एरिया में गारबेज इकट्ठा करने में लापरवाही बरतने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। जुर्माना और गारबेज कलेक्ट करने के प्रस्तावित नए रेट केंद्र सरकार द्वारा ही तय किए गए हैं। बता दें कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में कचरा सेग्रीगेशन की कैटेगरी में चंडीगढ़ नगर निगम को सबसे कम नंबर मिले थे इसलिए नगर निगम शहर में गारबेज सेग्रीगेशन को हर हाल में लागू करवाना चाहता है।
ऐसे में रेजिडेंशियल एरिया में अगर कोई सूखा और गीला कचरा अलग-अलग नहीं करता तो 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। सदन ने यह भी पास किया कि अगर कोई बल्क में गारबेज निकालने वाला अपने कचरे की गलत जानकारी देता है तो उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। भाजपा पार्षद हीरा नेगी ने कहा कि डोर टू डोर गारबेज इकट्ठा करने वाले कलेक्टरों को भी जागरूक किया जाए।
इतना लगेगा जुर्माना
- रेजिडेंशियल एरिया में गीला और सूखा कचरा अलग नहीं करने पर दो सौ रुपये जुर्माना लगेगा।
- पांच हजार वर्गमीटर से कम जगह वाले मैरिज हॉल, पार्टी हॉल, फेस्टिवल हॉल, पार्टी लॉन, प्रदर्शनी में कचरा सेग्रीगेशन नहीं करने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा
- पांच हजार वर्गमीटर से कम जगह वाले क्लब, सिनेमा हॉल, पब, कम्युनिटी सेंटर, मल्टीप्लेक्स में कचरा अलग-अलग न करने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा
- पांच हजार वर्गमीटर से कम जगह पर बने अन्य नॉन रेजिडेंशियल एरिया में सूखा-गीला कचरा अलग-अलग न करने पर एक हजार रुपये जुर्माना लगेगा।
-शहर में गंदगी फैलाने वालों से 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा जबकि इस समय यह जुर्माना 5500 रुपये है।
डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन के यह रेट होंगे चार्ज
कैटगरी शुल्क रिहायशी एरिया
50 स्क्वेयर मीटर तक 50 रुपये
50 से 200 स्क्वेयर मीटर तक 100 रुपये
200 स्क्वेयर मीटर से ऊपर 250 रुपये
स्ट्रीट वेंडर 100 रुपये
दुकान, इटिंग ज्वाइंट्स 500 रुपये
गेस्ट हाउस, धर्मशाला, हास्टल 2000 रुपये
50 लोगों की क्षमता वाला रेस्तरां 2000 रुपये
50 लोगों की क्षमता से ऊपर का रेस्तरां 3000 रुपये
होटल (बिना स्टार वाले) 2000 रुपये
तीन सितारा होटल 3000 रुपये
तीन सितारा से ऊपर के होटल 5000 रुपये
सरकारी कार्यालय, बैंक, शिक्षा संस्थान 2000 रुपये
क्लीनिक, डिस्पेंसरी, लैब (50 बेड तक) 2000 रुपये
क्लीनिक, डिस्पेंसरी, लैब(50 बेड से ऊपर तक) 4000 रुपये
स्माल और काटेज इंडस्ट्री, वर्कशाप 3000 रुपये
गोदाम, क्लोड स्टोरेज 5000 रुपये
कम्युनिटी सेंटर, मैरिज, पार्टी हॉल, 5000 रुपये
क्लब, सिनेमा, पब, मल्टीप्लेक्स 4000 रुपये
नॉन व्यावसायिक, धार्मिक, चैरिटेबल संस्थान 2000 रुपये
( बल्क में गारबेज निकालने वाले अगर अपना प्लांट नहीं लगाते हैं तो ऐसे संस्थानों से 20 रुपये प्रति किलो गारबेज के हिसाब से वसूली की जाएगी। यह कचरा नगर निगम अपने प्लांट में प्रोसेस करवाएगा।)
जिसकी सबसे कम रेटिंग, उसे ही उठाएगा मंत्रालय
कमिश्नर केके यादव ने सदन में बताया कि स्वच्छ सर्वेच्छ 2019 के लिए अभी से तैयारी करनी होगी। कमिश्नर ने कहा कि स्वच्छता में नंबर वन बनने के लिए काफी सुधार करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अब नए सर्वेक्षण के तहत हर पार्षद को अपने वार्ड की अलग-अलग मापदंड की वन से लेकर सात स्टार तक रेटिंग देनी होगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी वार्ड की कम रेटिंग आती है तो शहरी विकास मंत्रालय की टीम सर्वे में उसी मापदंड की पूरे शहर की रेटिंग मान लेगी। कमिश्नर ने कहा कि रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन से भी रेटिंग करवाई जाएगी जबकि भाजपा पार्षद अनिल दूबे ने कहा कि जो स्वच्छता एप है वह सही तरीके से नहीं चल रहा है।