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Chandigarh News: महंगाई पर अव्यवस्था की मार, सेक्टर-26 मंडी में टमाटर हो रहे खराब

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चंडीगढ़। हिमाचल और बंगलूरू से आवक लगातार बढ़ने के बावजूद बाजार में टमाटर की कीमत कम नहीं हो रही। इसका मुख्य कारण सेक्टर-26 मंडी में अव्यवस्था का आलम होना है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों किलो टमाटर खराब हो रहे हैं। ऐसे में मंडी से बाहर आते-आते उसका रेट बढ़ जा रहा है। रविवार को भी मंडी में 25 किलो एक क्रेट टमाटर दो हजार रुपये तक बीका, लेकिन सेक्टरों में इसकी कीमत प्रति किलो 120 से 130 रुपये रही। मंडी के आढ़तियों का कहना है कि जब तक अव्यवस्था दूर नहीं होती, तब तक ऐसे ही महंगाई परेशान करेगी। अपनी मंडी में सब्जी बेचने वाले एक विक्रेता ने बताया कि मंडी से दो हजार रुपये में एक क्रेट खरीद रहे हैं। उस 25 किलो के क्रेट में से काफी माल खराब निकल जा रहा है। ऐसे में टमाटर की कीमत 120 रुपये किलो बेचकर भी घाटा हो रहा है। वहीं सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन के सचिव अमन ने बताया कि टमाटर की आवक बढ़ रही है। रेट अभी और कम होने के आसार हैं, लेकिन माल खराब होने के कारण महंगाई कम नहीं हो रही है। जबकि एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मोहन चावला ने बताया कि मंडी में समुचित शेड न होने के कारण टमाटर के साथ ही सब्जियां और फल तेजी से खराब हो रहे हैं। बरसात के दौरान माल बचाना मुश्किल होता है।
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प्रशासन नहीं चाहता कि महंगाई कम हो
जब प्रशासन को यह पता है कि मंडी में सब्जियों और फलों को सुरक्षित रखना भी जरूरी है तो फिर अव्यवस्था को दूर क्यों नहीं किया जाता। प्रशासन चाहता ही नहीं कि महंगाई कम हो।
-अंकित शर्मा, पीजीआई

बरसात में महंगाई से बचाव की व्यवस्था करे प्रशासन
बरसात में सब्जियां हर साल महंगी होती हैं। ऐसे में प्रशासन को इस दौरान की महंगाई से बचाव के लिए पहले से व्यवस्था करनी चाहिए। महज एक बरसात में टमाटर 350 रुपये पर पहुंच गया था। अगली बरसात में क्या होगा भगवाना जाने।
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-आरती सिंह, हल्लोमाजरा
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