चंडीगढ़। मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। 24 घंटे में कभी ठंडी हवाएं चल रही हैं तो कभी तेज धूप हो रही है। इससे शरीर के तापमान में तेजी से बदलाव हो रहा है। यह बदलाव सेहत के लिए खतरनाक साबित होने लगा है। इस बदलाव ने सेहत नासाज करना शुरू कर दिया है। अस्पतालों की ओपीडी में संक्रमण के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन बवेजा का कहना है कि बारिश के जाने और ठंड शुरू होने के बीच मौसम काफी स्विंग करता है। इस मौसम में संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। इन दिनों कॉमन कोल्ड, ब्रोंकाइटिस, सर्दी-जुकाम, खांसी, सांस लेने में परेशानी, गले में खराश, सिर में जकड़न, अस्थमेटिक अटैक, वायरल फीवर परेशान कर रहा है। इससे गले में खराश हो जाती है। जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर है, उन पर ऐसे मौसम का बुरा प्रभाव पड़ता है। खासकर बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोगों पर ज्यादा खतरा रहता है। तापमान में आए बदलाव के कारण इन दिनों करीब 15-20 प्रतिशत छोटे बच्चों को रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन के साथ कफ और खांसी जैसी प्रॉब्लम्स परेशान कर रही हैं। वहीं, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ संजीव कुमार का कहना है कि बदलते मौसम के कारण कंजक्टिवाइटिस के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। आंखें लाल होना, जलन और पानी निकलना आम है। आंखों में इन्फेक्शन एक से दूसरे में फैलती है, इसलिए साफ-सफाई से ही इससे बचा सकता है।