पंजाब यूनिवर्सिटी में अगले शिक्षा सत्र से एनआरआई कोटे में दाखिला लेने के लिए नई गाइडलाइंस तैयार की जा रही हैं। इसके लिए एक कमेटी बनाई गई है जो नई गाइडलाइंस पर काम कर रही है। कमेटी से नए नियमों पर मोहर लगने के बाद इसे सीनेट में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
फिलहाल यह तय हुआ है कि एनआरआई स्टूडेंट को पीयू में दाखिला लेने के लिए सैट, जीआरई और जीमेट के अलावा आईलाइट्स भी पास करना होगा। इन सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में से किसी एक में उत्तीर्ण होकर पीयू के विभिन्न कोर्स में दाखिला लेने के लिए आवेदन किया जा सकेगा।
पंजाब यूनिवर्सिटी ने एनआरआई दाखिलों के नियम बदलने का फैसला स्थिति में सुधार करने के लिए किया है। 2016-17 के सेशन के दौरान सिर्फ 17 एनआरआई स्टूडेंट्स ने दाखिला लिया था, जबकि 2015-16 में यह आंकड़ा 41 तक पहुंचा था। एक ही सेशन में आई गिरावट के बाद हालात सुधारने के लिए नियमों के बदलाव करने की योजना बनाई गई है।
भाषा की आती है दिक्कत
ज्यादातर मामलों में देखा गया कि जो एनआरआई स्टूडेंट पीयू में दाखिला लेते हैं, उन्हें भाषा की दिक्कत आती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए प्रतियोगी परीक्षा पास करने की योजना बनाई जा रही है ताकि एनआरआई कोटे से आने वाले स्टूडेंट्स को इंडियन एसेंट की समझ दी जा सके।
पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाए जा रहे सभी कोर्स में एनआरआई कोटे की 10 फीसदी सीटें आरक्षित हैं। हालांकि ज्यादातर सीटें खाली रह जाती हैं। अब पीयू अगले सेशन से योजना बना रही है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से ज्यादा स्टूडेंट्स को पीयू में दाखिला लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।