दिनांक 7 सितंबर
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। मनुष्य के अन्दर एक ही अवगुण कभी-कभी उसके पतन का कारण बन जाता है। अगर अपने व्यवहार पर ध्यान नहीं दिया तो एक छोटा आदमी भी आपका अपमान कर सकता है। इसे आप की छवि भी खराब हो जाती है। यह शब्द मनीषी संत मुनि विनय कुमार आलोक सेक्टर 24 के अनुव्रत भवन में कहे पूर्णविराम उन्होंने कहा जीवन यात्रा में यात्री को यह मालूम होना चाहिए कि हम कहाँ से चलें हैं और कहां जाना है। समय कभी नहीं रुकता वह निरंतर चलता रहता है। इसलिए हमें अपने व्यवहार को बिल्कुल शांत बनाना चाहिए।