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Covid -19 Vaccine: चंडीगढ़ अब कोरोना टीके की गुणवत्ता बढ़ाने पर करेगा शोध, ICMR ने शोध की दी अनुमति

Mon, 03 Oct 2022 01:50 AM IST
ajay kumar वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

डॉ. मंजीत ने बताया कि अध्ययन के दौरान कोविशील्ड और को-वैक्सीन के मिश्रण से तैयार किए गए डोज का ट्रायल किया जाएगा जिसमें चार ग्रुप में लाभार्थी शामिल होंगे। पहले दो ग्रुप को इन दोनों टीको के मिश्रण की खुराक लगाई जाएगी। वहीं अगले दो ग्रुप में इसके सिंगल डोज दिए जाएंगे।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रूटीन टीकाकरण में लगातार उपलब्धियां हासिल करने वाला चंडीगढ़ अब कोरोना टीकाकरण की गुणवत्ता बढ़ाने पर शोध करेगा। इसके लिए आईसीएमआर ने अध्ययन की अनुमति दे दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पीजीआई के विशेषज्ञों के साथ मिलकर तैयारी में जुट गई है। इसमें खास यह होगा कि अब तक प्रयोग किए जा रहे कोविशील्ड और को-वैक्सीन टीके के मिश्रण डोज का ट्रायल कर लाभार्थियों पर उसके परिणाम का आकलन किया जाएगा। इसमें मुख्य फोकस इस मिश्रण टीके से निजात होने वाली एंटीबॉडी पर होगी। वहीं, इसके साथ ही टीके की बर्बादी व कमी जैसे बिंदुओं पर भी राहत की उम्मीद जताई जा रही है।

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टीके से वंचित लोग होंगे शामिल
राज्य टीकाकरण अधिकारी व इस अध्ययन के को-इन्वेस्टिगेटर डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि अध्ययन में ऐसे लोगों को शामिल किया जाएगा जिन्होंने अभी तक कोरोना टीके की एक भी खुराक नहीं लगवाई है। उन व्यक्तियों पर अलग-अलग टीकों के मिश्रण से तैयार किए गए खुराक को देकर उसके परिणाम का आकलन किया जाएगा। इसके लिए पीजीआई व पंजाब के डॉक्टर बीआर अंबेडकर राज्य आयुर्विज्ञान संस्थान में सेंटर बनाए जाएंगे। इसमें पंजाब की टीम भी सहयोग करेगी, जिसमें 18 साल से ज्यादा उम्र के लाभार्थियों पर ट्रायल किया जाएगा। 

एंटीबॉडी की रफ्तार होगी जांच
डॉ. मंजीत ने बताया कि अध्ययन के दौरान कोविशील्ड और को-वैक्सीन के मिश्रण से तैयार किए गए डोज का ट्रायल किया जाएगा जिसमें चार ग्रुप में लाभार्थी शामिल होंगे। पहले दो ग्रुप को इन दोनों टीको के मिश्रण की खुराक लगाई जाएगी। वहीं अगले दो ग्रुप में इसके सिंगल डोज दिए जाएंगे। फिर इसका परिणाम चेक किया जाएगा। जिसमें अलग-अलग स्तर पर लाभार्थियों के एंटीबॉडी और इम्यूनिटी के स्तर को जांचा जाएगा। इसमें लाभार्थी के हीमोरल इम्यूनिटी यानी खून में प्रतिरोधक क्षमता व सेल मिडीएटेड इम्यूनिटी चेक की जाएगी। वहीं यह भी देखा जाएगा कि इस टीके से लाभार्थियों पर अन्य किस तरह के परिणाम सामने आ रहे हैं।
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एक साथ मिलेंगे कई लाभ
टीके की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के साथ ही शॉर्टेज जैसी स्थिति पर काबू मिलेगी क्योंकि कॉम्बिनेशन वैक्सीन उपलब्ध होने से एक टीका उपलब्ध ना होने पर दूसरे टीके का उपयोग किया जा सकेगा। वहीं बर्बादी वाली स्थिति पर भी काबू मिलेगा। 
 

कोविड के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अपनी मेहनत और सूझबूझ के बल पर कई बेहतर परिणाम हासिल किए हैं। इसी क्रम में यह स्टडी भी एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। इसमें राज्य टीकाकरण की टीम पीजीआई के विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम करेगी। - यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव।

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