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डैमेज कंट्रोलः रिश्वतखोरी से परेशान ट्रैफिक पुलिस, बैठक में परिवार संग आएंगे कांस्टेबल व होमगार्ड

Sat, 14 Sep 2019 11:10 AM IST
खुशबू गोयल अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस - फोटो : फाइल फोटो
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बीते एक हफ्ते में रिश्वत की दो शिकायतें आने के बाद चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस की काफी किरकिरी हो रही है। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में अब चंडीगढ़ पुलिस ने डैमेज कंट्रोल की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। शनिवार दोपहर को ट्रैफिक पुलिस व आईआरबी के कांस्टेबल और होमगार्ड्स को उनके परिवार समेत बैठक में बुलाया गया है। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक का उद्देश्य रिश्वतखोरी पर पर लगाम लगाना है। इस कारण सबको परिवार समेत बुलाया गया है।
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सूत्रों ने यह भी बताया कि इससे पहले कभी ऐसी बैठक नहीं हुई है। ट्रैफिक डीएसपी एडमिन केवल कृष्ण ने बीते 12 सितंबर को एक एडवाजरी की है। इसके तहत सेक्टर-29 स्थित ट्रैफिक पुलिस हेडक्वार्टर में ट्रैफिक पुलिस व आईआरबी के कांस्टेबल और होमगार्ड्स को शनिवार दोपहर एक बजे पहुंचना जरूरी है। इस दौरान उनके साथ एक पारिवारिक सदस्य का आना जरूरी होगा। आर्डर जारी होने के बाद सूत्रों ने बताया कि लगातार ट्रैफिक पुलिस द्वारा रिश्वत लेने के चलते इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

इसमें ट्रैफिक एंड सिक्योरिटी एसएसपी शशांक आनंद पुलिसकर्मियों के साथ बैठक करेंगे। बता दें बीते 6 सितंबर को पिकाडली चौक पर रेड लाइट जंप करने पर कार का चालान न करने के एवज में चालक से एक हजार रुपये रिश्वत लेने पर डीजीपी संजय बेनीवाल, एक हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को डिसमिस कर चुके हैं। मामले में सेक्टर-36 थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया। वहीं बीते 11 सितंबर को हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट के पास कार सवार से 500 रुपये रिश्वत लेने के मामले में होमगार्ड को डिसमिस कर दिया गया था। 
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वायरलेस पर भी दी गई सूचना

ट्रैफिक पुलिस हेडक्वार्टर में समय से पहुंचने के लिए शुक्रवार को शहर के सभी डिवीजनों में वायरलेस कर इसकी सूचना भी गई ताकि सभी कांस्टेबल और होमगार्ड वक्त पर इस प्रोग्राम में हिस्सा ले सकें। बताया गया कि प्रोग्राम में नहीं पहुंचने पर उनके खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।

घरवालों को भी पहुंचती है ठेस
बताया गया कि ट्रैफिक पुलिसकर्मियों द्वारा रिश्वत लेने पर न सिर्फ उनकी बदनामी बल्कि घरवालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उनके घरवालों को भी लोगों की बातों से बचना पड़ता है, यही वजह रिश्वतखोर पुलिसकर्मियों के परिवारों को भी ठेस पहुंचती है। अगर ऐसा है तो यह बहुत अच्छी पहल है, हो सकता हो कि रिश्वतखोरी बंद हो सकती है।
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