सुखना लेक पर बर्ड फ्लू का खतरा अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है। भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज की ओर से लिए सभी सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
रिसर्च संस्थान ने अपनी रिपोर्ट मंगलवार को केंद्र सरकार के संबंधित विभाग व चंडीगढ़ प्रशासन को भेज दी है। डीसी मोहम्मद शाइन ने रिपोर्ट मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि सुखना पूरी तरफ से सेफ है। 18 जनवरी को लेक लोगों के लिए खोल दी जाएगी।
18 दिसंबर से बंद हुई थी
सुखना लेक की बतख में बर्ड फ्लू (एच-5एन-1) का वायरस मिला था। इसकी पुष्टि भोपाल की लैब ने 17 दिसंबर को की थी। इसके बाद एहतियात के तौर पर चंडीगढ़ प्रशासन ने 18 दिसंबर को सुखना लेक पर एक महीने के लिए पर्यटकों पर रोक लगाने के साथ रेस्टोरेंट व दुकानें बंद कर दीं थीं। साथ ही सुखना पर मार्निंग वॉक पर भी रोक लगा दी गई थी।
बर्ड फ्लू के कारण मारी थीं 90 से ज्यादा बतखें
सुखना पर बतखों के मरने का सिलसिला 10 दिसंबर से शुरू हुआ था। पहले दिन तीन बतखों ने दम तोड़ा था। बर्ड फ्लू कंफर्म होने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने सुखना की बची 90 से अधिक बतखों को एक विशेष ऑपरेशन के तहत मार दिया था।
उन्हें सुखना के आइलैंड पर जलाने के बाद वहीं पर दफन कर दिया था। ऑपरेशन में शामिल सभी कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर टेमीफ्लू देकर दस दिन की छुट्टी पर भेजा था।
तीन किलोमीटर के दायरे हुई थी जांच
स्वास्थ्य विभाग ने सुखना को केंद्र बिंदु मानकर तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले घरों के सभी सदस्यों का हेल्थ चेकअप किया। इस दौरान कोई भी कंफर्म पेशेंट नहीं मिला।
जो भी संदिग्ध मिले उनके सैंपल जांच के लिए भेजे, लेकिन बाद में सभी सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई। इस दौरान प्रशासन ने प्रभावित इलाके के सभी स्कूल बंद कर दिए थे।
सुखना को लेकर अधिकारियों की राय
सुखना लेक के सभी सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सुखना पूरी तरह सेफ है। 18 जनवरी से सुखना खोल दी जाएगी।
मोहम्मद शाइन, डीसी चंडीगढ़
चंडीगढ़ में बर्ड फ्लू रोकने के लिए चलाए ऑपरेशन की दिल्ली में भी तारीफ हुई है। प्रशासन के सभी अधिकारियों ने समय रहते जरूरी कदम उठाकर बर्ड फ्लू को बढ़ने से रोका है।
विजय कुमार देव, एडवाइजर चंडीगढ़