हमारे देश में तो कन्याओं को देवी का रूप समझा जाता है। कन्याओं की पूजा की जाती है। ऐसे देश में बच्चियों से दुष्कर्म जैसे मामले जब सामने आते हैं तो मेरा दिल बहुत दुखता है। भले मैं एक पुलिस अधिकारी हूं, लेकिन मेरे मन में भी यह बात उठती है कि आखिर हमारा समाज किस दिशा में जा रहा है। फूल जैसी बेटियों के साथ दुष्कर्म करने की हिम्मत आखिर आती कहां से है।
लोगों में इतनी हैवानियत कहां से आ जाती है। इस पर हम सबको सोचना होगा। सरकार या पुलिस अकेले इसका निपटारा नहीं कर सकती। समाज के लोगों को भी साथ देना होगा। यह कहना है कि चंडीगढ़ की एसएसपी नीलांबरी जगदले का। देश में दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं और इन पर कैसे लगाम लगे, इस पर उन्होंने अमर उजाला से खास बातचीत की।
एसएसपी ने कहा कि मैं भी एक मां हूं और अपनी बच्ची की सुरक्षा को लेकर मैं भी चिंतित होती हूं। मैं बस कही कहूंगी कि समाज से इस तरह की बुराई को खत्म करने के लिए हम सबको आगे आना होगा। सबसे पहले तो घर में ही माताएं अपने बेटों को यह शिक्षा दें कि उन्हें लड़कियों की इज्जत करनी चाहिए। उन्हें नैतिक मूल्यों का पाठ पढ़ाना होगा।
सोशल मीडिया से बच्चों को दूर रख उन्हें सही और गलत का फर्क बताना होगा तभी देश में इस तरह के मामलों को खत्म किया जा सकता है।